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रायगढ़ में एयरपोर्ट बनाने का रास्ता साफ : विमानन विभाग की टीम आएगी निरीक्षण करने, चारों गांवों का सर्वे पूरा

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  • पहला प्रोजेक्ट जिसके लिए भू-अर्जन एप से हुआ सर्वे, 217 हे. जमीन चिह्नित

रायगढ़। रायगढ़ जिले में एयरपोर्ट बनाने का रास्ता साफ हो चुका है। भू-अर्जन पूर्व सर्वे करके पटवारियों ने पत्रक दस प्रस्तुत किया है। अब विमानन विभाग की एक टीम पुन: क्षेत्र का दौरा करने पहुंचेगी। चार गांवों में करीब 217 हे. भूमि प्रभावित होने वाली है।2014 के बाद एक बार फिर से छग सरकार ने रायगढ़ में एयरपोर्ट निर्माण के लिए कदम बढ़ाया है। 2012 में ही भूमि चिह्नित कर ली गई थी। तब प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ सका। 14 साल बाद जमीन का दोबारा सर्वे किया गया है। इस बार भू-अर्जन एप के माध्यम से सर्वे किया गया है। पटवारियों ने चारों गांवों कोंड़ातराई, औरदा, जकेला और बेलपाली में प्रभावित भूमि को चिह्नित कर पत्रक दस प्रस्तुत कर दिया गया है। अब धारा 4 का प्रकाशन होना है। जमीनों की खरीदी-बिक्री पर रोक लगाई गई थी। कृषि भूमि का स्वरूप भी इतने सालों में काफी बदल गया है।

पहले जिस जमीन पर एक फसल ली जाती थी, अब वहां बोरवेल से सिंचाई हो रही है। अब जानकारी मिली है कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारी एक बार निरीक्षण करके जा चुके हैं। अब छग विमानन विभाग की एक टीम रायगढ़ पहुंचने वाली है। प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया जाएगा। प्रोजेक्ट कॉस्ट के साथ देखी जाएगी फीजिबिलिटी भी देखी जाएगी। 2012 की तुलना में रायगढ़ में एयरपोर्ट की प्रोजेक्ट कॉस्ट कई गुना बढ़ जाएगी। सर्वे एप में भूमि कृषि है या डायवर्टेड, सिंचित है या एक फसली, या पड़ती, मौजूद पेड़ों की संख्या, मकान, बोरवेल, कुआं आदि सबकुछ दर्ज किया जा गया है। कोंड़ातराई में नेशनल हाईवे तक की जमीन प्रभावित हो सकती है। पुसौर-कोंड़ातराई रोड भी एयरपोर्ट की सीमा में आ रही है। गढ़उमरिया होकर पुसौर पहुंने वाली रोड भी जद में आ सकती है। अगर ऐसा हुआ तो दोनों सडक़ों के लिए बायपास का निर्माण करना पड़ेगा।

कहां कितनी जमीन प्रभावित

एयरपोर्ट से प्रभावित भूमि का सर्वे कर पत्रक दस तैयार किया जा चुका है। अब धारा 4 प्रकाशन होना है। ग्रामीणों ने एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण का विरोध भी किया है। धारा 4 प्रकाशन के बाद ग्रामीणों को दावा आपत्ति के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। कोंड़ातराई में 53.904 हे., औरदा में 26.548 हे., बेलपाली में 50.830 हे. और जकेला 86.628 हे. कुल 217.510 हे. जमीन चयन की गई है। 537.47 एकड़ भूमि पर एयरपोर्ट बनेगा।

मिल सकती है कनेक्टिंग फ्लाईट

रायगढ़ जिले के पास झारसुगुड़ा और बिलासपुर एयरपोर्ट भी हैं। रायगढ़ में अडाणी ग्रुप कारोबार बड़े पैमाने पर बढ़ चुका है। पावर प्लांट, कोयला खदान, तीन एमडीओ कंपनी के पास हैं। इसके अलावा एनटीपीसी का पावर प्लांट और कोल माइंस है। जिंदल समूह की चार खदानें, स्टील प्लांट, सीमेंट प्लांट और पावर प्लांट हैं। इसके अलावा सारडा एनर्जी, वेदांता ग्रुप, हिंडाल्को, जेएसडब्ल्यू आदि भी हैं। जांजगीर-चांपा, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के लिए भी रायगढ़ एयरपोर्ट से सुविधाजनक होगा। रायगढ़ से महानगरों तक सीधी फ्लाईट न भी मिले तो कनेक्टिंग उड़ान मिल सकती है।

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