- कलेक्टर ने एसडीएम को दिया आदेश, चार गांवों में चिह्नित भूमि का सर्वे करने के अलावा भी जमीन लेने की संभावना
रायगढ़। अचानक से 12 साल बाद रायगढ़ में एयरपोर्ट को लेकर फिर से हलचल शुरू हो गई है। कलेक्टर ने एसडीएम रायगढ़ को आदेश दिया है जिसमें गांवों का सर्वे कर खसरों की सूची बनाने को कहा गया है। यह एयरपोर्ट 4 सी वीएफआर कैटेगरी का होगा जिसका रनवे ढाई किमी से भी ज्यादा लंबा होगा। इतने मल्टीनेशनल उद्योगों के स्थापित होने के बावजूद रायगढ़ में एयरपोर्ट नहीं बन पाने का मलाल सभी को है। झारसुगुड़ा और बिलासपुर में एयरपोर्ट प्रारंभ हो गए लेकिन रायगढ़ में प्रक्रिया तक शुरू नहीं की जा सकी। छग शासन ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण से करीब 12-13 साल पहले एमओयू किया था। कोंड़ातराई में 4 सी वीएफआर कैटेगरी का एयरपोर्ट बनाने का प्लान था घरेलू उड़ानों की सुविधा दी जानी है।
इसके लिए विमानन विभाग छग ने 2013 में 20 करोड़ रुपए जारी किए थे। इस राशि से भू-अर्जन की प्रक्रिया प्रारंभ करने का निर्देश था। यह राशि तब से रायगढ़ जिले के पीडी एकाउंट में जमा है। भूमि अधिग्रहण के लिए सैद्धांतिक सहमति दी जा चुकी है। 4 सी कैटेगरी के एयरपोर्ट के लिए रनवे की लंबाई ढाई किमी से भी अधिक होती है। रनवे की चौड़ाई भी करीब 50 मीटर होनी है। 6 नवंबर को संचालक विमानन विभाग छग शासन ने रायगढ़ एयरपोर्ट स्थापना के लिए कलेक्टर को पत्र लिखा था। इसके तुरंत बाद ही कलेक्टर ने एसडीएम रायगढ़ को आदेश दिया है। प्रभावित ग्रामों की भूमि का सर्वे कर खसरों की सूची तत्काल तैयार करने तथा लाल स्याही से चिह्नित नक्शा प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।
चार गांवों की 600 एकड़ जमीन
कोंड़ातराई में एयरपोर्ट निर्माण के लिए जमीन चिह्नांकन के बाद सर्वे भी प्रारंभ हो गया था। चार गांवों में जमीन खरीदी-बिक्री पर प्रतिबंध लगा हुआ है। पुसौर तहसील के कोंड़ातराई में 184 किसानों की 64 हेक्टेयर, औरदा में 75 किसानों की 29 हेक्टेयर, बेलपाली में 44 किसानों की 48 हेक्टेयर और जकेला 132 किसानों की 86 हेक्टेयर जमीन चयन की जा चुकी है। हवाई पट्टी की 23 एकड़ और चार गांवों की 569 एकड़ जमीन ली जानी है।























