रायगढ़। रायगढ़ में एयरपोर्ट के लिए सर्वे का काम तकरीबन पूरा होने वाला है। बताया जा रहा है कि चार गांवों में से केवल औरदा की बस्ती प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर मांग की है कि उनको चार गुना मुआवजा के साथ ग्राम पंचायत औरदा के क्षेत्र में ही बसाया जाए। रायगढ़ जिले को हवाई सेवा से जोड़ने के लिए एयरपोर्ट बनाने का प्रस्ताव है। 2012 में भूमि चिह्नित की जा चुकी है। प्रभावित भूमि का सर्वे तकरीबन पूरा हो चुका है। 2012 में जो भूमि खाली थी, अब उस पर मकान बन गए हैं। कई मकान कच्चे थे जो अब पक्के हो चुके हैं। सिंचाई की सुविधा हो गई है। इस वजह से मुआवजा बढ़ना तय है। नई गाइडलाइन दरों के कारण भी प्रोजेक्ट की लागत बढ़ेगी। पुसौर तहसील के कोंड़ातराई में 184 किसानों की 64 हेक्टेयर, औरदा में 75
किसानों की 29 हेक्टेयर, बेलपाली में 44 किसानों की 48 हेक्टेयर और जकेला 132 किसानों की 86 हेक्टेयर कुल 227 हे. जमीन चयन की गई थी। इसके अलावा हवाई पट्टी की 23 एकड़ जमीन भी ली जानी है। सर्वे के बाद पता चला है कि बेलपाली, जकेला और कोंड़ातराई में केवल जमीन प्रभावित हो रही है। जबकि औरदा के तीन वार्ड और अन्य कृषि भूमि भी अधिग्रहित की जाएगी। औरदा के ग्रामीण सोमवार को कलेक्टोरेट पहुंचे थे। उन्होंने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। उनका कहना है कि एयरपोर्ट के लिए औरदा की बस्ती भी प्रभावित हो रही है जिसमें करीब 150 मकान हैं। अधिग्रहण में उनको मकान का चार गुना मुआवजा, परिवार संख्या के हिसाब से पुनर्वास और मकान निर्माण के लिए भूमि भी दी जाए। वे कई पीढिय़ों से औरदा में रह रहे हैं इसलिए उनको वहीं दूसरी जमीन देकर बसाया जाए।
नए गांव में दी जाए सभी सुविधाएं
ग्रामीणों का कहना है कि अधिग्रहण में स्कूल, आंगनबाड़ी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी प्रभावित होंगे। इसलिए जहां भी उनको बसाया जाए, वहां सभी जरूरी सुविधाएं भी दी जाएं। मकान के साथ आंगन, बाड़ी, कोठार, तालाब, अस्पताल भी बनाकर दिया जाए। ऐसी सुविधा दी जाएगी तो उनको कोई आपत्ति नहीं होगी। रायगढ़ एयरपोर्ट 4 सी वीएफआर कैटेगरी का होगा। भू-अर्जन में करोड़ों रुपए लग जाएंगे।























