सक्ति। सक्ती जिले में स्थित वेदांता प्लांट में हुए भीषण हादसे ने एक और मजदूर की बलि ले ली है। रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान पश्चिम बंगाल निवासी मजदूर सुब्रोतो जेना की मृत्यु के साथ ही इस हादसे में जान गंवाने वालों की कुल संख्या अब 22 हो गई है। संयंत्र में हुए इस ब्लास्ट ने औद्योगिक सुरक्षा मानकों और प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
इस औद्योगिक दुर्घटना में कुल 36 लोग प्रभावित हुए थे। ताजा मौत के बाद अब भी 14 श्रमिक विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें से कुछ की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। डभरा थाने में वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल और प्लांट प्रबंधन सहित कुल 10 लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है।
औद्योगिक सुरक्षा विभाग के बॉयलर इंस्पेक्टर उज्जवल गुप्ता और उनकी टीम द्वारा घटना स्थल का छह घंटे तक निरीक्षण किया गया। एसपी प्रफुल्ल ठाकुर को सौंपी गई इस विस्तृत रिपोर्ट में हादसे के पीछे प्रबंधन की कई बड़ी चूक सामने आई हैं:
- उत्पादन का दबाव: शुरुआती जांच के अनुसार, संयंत्र में उत्पादन क्षमता को दोगुना करने की जल्दबाजी की जा रही थी। इसी दबाव के कारण सुरक्षा प्रोटोकॉल को नजरअंदाज किया गया।
- तकनीकी चेतावनी की अनदेखी: बॉयलर में खराबी के संकेत और चेतावनी मिलने के बाद भी परिचालन बंद नहीं किया गया। निरंतर काम जारी रखना ही अंततः विस्फोट का कारण बना।
- मशीनों का खराब रखरखाव: एफएसएल (FSL) और सुरक्षा विभाग की संयुक्त जांच में पाया गया कि मशीनों के नियमित रखरखाव और संचालन में घोर लापरवाही बरती गई थी।
विस्फोट का तकनीकी कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, बॉयलर फर्नेस के भीतर ईंधन (Fuel) की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक जमा हो गई थी। इसके कारण अंदरूनी दबाव (Pressure) अत्यंत उच्च स्तर पर पहुंच गया। इस अत्यधिक दबाव को सहन न कर पाने की वजह से बॉयलर का निचला पाइप अपनी मूल स्थिति से विस्थापित हो गया, जिससे एक जोरदार धमाका हुआ और वहां कार्यरत कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए।
प्रशासनिक कार्रवाई
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एएसपी पंकज पटेल के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है। यह टीम न केवल तकनीकी पहलुओं की जांच करेगी, बल्कि प्रबंधन की जवाबदेही भी तय करेगी। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट के तथ्यों के आधार पर जल्द ही आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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