रायगढ़ (केलो प्रवाह)। जिले में खैर लकडिय़ों की तस्करी के मामले में पुलिस की जांच जारी है तथा पुलिस ने गिरोह के तीन आरोपियों को पूर्व में गिरफ्तार किया है। वहीं डीएफओ के जांच प्रतिवेदन के आधार पर पुसौर थाने में अरोपी मनीष अग्रवाल, रोहित मित्तल सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ खैर लकड़ी की अवैध रूप से कटाई के बाद ट्रक से परिवहन करने के मामले में पुलिस ने एक और प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस एवं वन विभाग की संयुक्त टीम ने खैर व तेंदू प्रजाति की लकडिय़ों की तस्करी करने वाले एक बड़े सिंडिकेट का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी मनीष अग्रवाल रोहित मित्तल और सलाउद्दीन खान को गिरफ्तार किया था।
वहीं फरवरी माह में ग्राम सहसपुर क्षेत्र के जंगल से खैर लकड़ी की कटाई कर ट्रक से परिवहन करने की सूचना पर वन विभाग की टीम ने ग्राम सुपा के पास घेराबंदी करते हुए उक्त ट्रक को रोक कर पूछताछ करने पर वाहन चालक द्वारा इमारती लकड़ी के परिवहन संबिधित किसी प्रकार का दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये जाने पर वन अपराध के तहत प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल की गई थी। जांच में आरोपी रोहित मित्तल एवं उसके एक अन्य साथी द्वारा खैर व तेन्दु की लकड़ी की अवैध कटाई करने के बाद मनीष अग्रवाल के मार्फत उन्हें खपाने की बात सामने आई थी। इस मामले में भी वन विभाग की ओर से एफआईआर दर्ज करने पुलिस के समक्ष आवेदन दिया गया था।
वहीं, जांच प्रतिवेदन के आधार पर पुसौर पुलिस ने मनीष अग्रवाल, रोहित मित्तल सहित अन्य आरोपियों के विरूद्ध भारतीय वन अधिनियम की धारा 26, 33, 41, 42, 52 तथा बीएनएस की धारा 305 (इ), 61 (2), 3 (5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आगे की कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। वहीं, पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में यह बात सामने आई थी कि लकडिय़ों की कटाई के बाद उसे ठिकाने लगाने वाला एक अलग चेन है, जिसे संचालित करने वाला भरत मेश्राम अब तक फरार है। आरोपी भरत मेश्राम छत्तीसगढ़ के जंगलों से खैर और दूसरी बेशकीमती लकडिय़ों की कटाई के बाद इन्हें अलग-अलग रास्तों से दूसरे राज्यों तक पहुंचाता था। जांच से बचने के लिए आरोपी फर्जी ट्रांजिट पास भी तैयार करवाता था।
पुलिस का मानना है कि इस ट्रांसपोर्टिंग नेटवर्क में भरत मेश्राम की भूमिका अहम है। बताया जा रहा है कि रायगढ़ और महासमुंद से निकलने वाली लकड़ी को मध्यप्रदेश और हरियाणा के रास्ते हिमाचल प्रदेश तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भरत मेश्राम की होती थी, लिहाजा भरत की गिरफ्तारी से पुलिस को इस नेटवर्क की सप्लाई चेन की कई अहम कडिय़ों तक पहुंचने की उम्मीद है। साथ ही दूसरे राज्यों में मौजूद खरीदारों और सप्लाई ठिकानों तक पहुंचने में भी पुलिस को मदद मिल सकती है।























