यूपी के शाहजहांपुर जिले से सटे रोजा क्षेत्र के हथौड़ा बुजुर्ग गांव में गुरुवार को जो कुछ हुआ, उसे कोई भुला नहीं पाएगा। महिला ने अपने पति की घर से बाहर लाकर सड़क पर सार्वजनिक तौर पर हत्या की। हत्या करना तो एक अलग बात थी, हत्या के बाद जो कुछ हुआ, उसे बयां करने में भी रौंगटे खड़े हो जाते हैं। एक महिला ने वर्षों से भरे पति को लेकर गुस्से को उसकी जान लेकर निकाल लिया। महिला ने ईंट से पति के सिर को कुचला। हड्डी तोड़ी। इसके बाद हाथ डाल कर सिर का पूरा भेजा निकाल कर बाहर कर दिया। हैरान कर देने वाली बात तो ये थी कि महिला ने सबके सामने और दिन दहाड़े खूनी खेल खेला। इस दौरान वहां से निकली पुलिस रुकी। महिला को रोकने की कोशिश की, लेकिन पुलिस वाले की हिम्मत भी जवाब दे रही थी।
महिला अपनी मजबूरी और दर्द को बयां करते हुए पति का भेजा निकालती रही। इसके बाद जब महिला थक गई, तब अलग हटकर लाश के पास ही बैठ गई। हथौड़ा गांव ही क्या, आसपास के जिलों में भी ऐसी वारदातें कम हुई होंगी, जब एक पत्नी अपने पति से परेशान होकर उसकी हत्या कर देती है। हथौड़ा गांव में 40 वर्षीय सत्यपाल पास ही में स्टेडियम में चपरासी था। वह शराबी भी था। पत्नी गायत्री से उसकी निपटती नहीं थी। उससे रोज ही दो-तीन बार मारपीट करता था। हालात ऐसे हो गए थे कि गायत्री मानसिक तौर पर बीमार हो गई। गायत्री ऊलजलूल हरकतें करती थी। उसका बरेली के अस्पताल से मानसिक बीमारी का इलाज चलता था। गायत्री और सत्यपाल का एक बेटा रोहित और बेटी दीप्ति उर्फ डाली भी है। मां और पिता के झगड़े के कारण रोहित और दीप्ति अपनी दादी शकुंतलादेवी के पास शिव इंक्लेव में रहते थे। रोहित एसएस कालेज से बीए कर रहा है, दीप्ति 10वीं में है।
सत्यपाल स्टेडियम में काम करता था, बाकी समय वह शराब पीकर पत्नी गायत्री से मारपीट ही करता रहता था। उनके झगड़े होते थे तो आसपास के लोग भी उसे सामान्य ही समझते थे, क्योंकि दोनों सुबह से शाम तक मारपीट, झगड़ा ही करते रहते थे। गुरुवार दोपहर 3:30 बजा था। घर के अंदर से झगड़े की आवाजें आ रही थीं। आसपास के लोग आवाजें सुनकर भी अपने सामान्य कामकाज में व्यस्त थे। इसी बीच अचानक से गायत्री अपने पति सत्यपाल को धक्का देकर घर से बाहर लाई, तभी सत्यपाल शराब पीने की वजह से वहीं चौखट के पास गिर गया। गायत्री ने उसे उठने का मौका ही नहीं दिया। उसके सीने पर चढ़ कर बैठ गई। पास में ही ईंटें पड़ीं थी, गायत्री ने ईंट उठा कर अपने पति सत्यपाल के सिर पर वार पर वार करना शुरू कर दिया। सत्यपाल के सिर से खून का फौव्वारा छूटने लगा। अब भी गायत्री का गुस्सा कम नहीं हो रहा था। वह लगातार वार कर रही थी। आसपास भीड़ लग चुकी थी। तभी रोड से पुलिस वाले निकले। वारदात होते देख वह रुक गए। सत्यपाल तो मर चुका था।
हाथ से सिर की हड्डी हडडी तोड़ी, फिर निकाला भेजा
गायत्री अपना आपा खो चुकी थी। वह कुछ कहती जा रही थी और अपने पति के सिर की हडडी तोड़ कर भेजा निकाल रही थी। तभी आए एक पुलिस वाले ने बहुत हिम्मत कर उसके पास जाकर रोकने की कोशिश की, लेकिन गायत्री कुछ कहती जा रही थी। उसके शब्द तो किसी की समझ में नहीं आ रहे थे, लेकिन उसके भाव से लग रहा था कि जैसे उसने अपनी परेशानी खत्म कर दी हो। पुलिस वाले की वह सुन तो रही थी, लेकिन अपनी कहे जा रही थी।
थक गई तो पति की लाश के पास ही बैठ गई गायत्री
अब तो जो भी दृश्य था वह खौफनाक, विभत्स, रौंगटे खड़े कर देना वाला था। जिसने भी उस दृश्य को देखा, वह कुछ क्षणों के लिए शून्य हो गया। किसी ने आंखें मींच कर देखा तो किसी की नजर पड़ी तो दोबारा उधर देखा ही नहीं, लोगों के मुंह से ओह, हे राम जैसे शब्द निकल रहे थे। पुलिस वाले ने थाने से फोर्स को बुला लिया। अब गायत्री भी शांत होकर अपने पति के सीने से नीचे उतरी और पैरों के पास जाकर बैठ गई, ऐसा लग रहा था कि जैसे उसने कुछ किया ही नहीं। कुछ बोल भी नहीं रही थी।
भाग कर आईं सत्यपाल की मां, बेटी
सत्यपाल की हत्या की जानकारी पास में ही शिव इंक्लेव में रही उसकी मां शकुंतलादेवी को लगी। घर पर सत्यपाल की बेटी दीप्ति भी थी। दादी और पोती शिव इंक्लेव से भाग कर हथौड़ा गांव पहुंची। पहली नजर जब शकुंतला की अपने बेटे सत्यपाल की लाश पर पड़ी तो वह सीना पकड़ कर बैठ गईं। पोती ने उन्हें संभाला। वह रोना शुरू हुईं तो रुकी ही नहीं। सत्यपाल की बेटी भी बेसुध हो गई। उसके पापा तो रहे ही नहीं, मां भी अब जेल जाएगी।
Shource : live hindustan





















