बिलासपुर। न्यायधानी में ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट और रकम दोगुनी करने के नाम पर एक बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। पचपेड़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम भरारी बड़पारा के एक 38 वर्षीय किसान और साइकिल मैकेनिक को टेलीग्राम ऐप पर फॉरेक्स ट्रेडिंग का लालच देकर 21 लाख 32 हजार रुपये का चूना लगाया गया है। शातिर ठगों ने पीड़ित को महज 24 घंटे में 10 हजार रुपये के निवेश पर एक लाख रुपये के रिटर्न का सपना दिखाया और फिर एक साल तक मानसिक दबाव बनाकर 160 अलग-अलग किश्तों में पूरी जीवनभर की गाढ़ी कमाई अपने खातों में ट्रांसफर करा ली। ठगी का शिकार हुए किसान ने जब पचपेड़ी थाने पहुंचकर पुलिस के सामने अपने बैंक ट्रांजेक्शन की 46 पन्नों की डिटेल रखी, तो अधिकारी भी हैरान रह गए। फिलहाल अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
अनजान लिंक से ‘इंडिया प्रोमो ट्रेडिंग कंपनी’ के जाल में फंसा किसान
ठगी की इस पूरी वारदात का शिकार नारायण सिंह राज हुए हैं, जो मूल रूप से खेती-किसानी करते हैं और गांव में ही साइकिल मरम्मत की छोटी सी दुकान चलाते हैं। 28 अक्टूबर 2024 को नारायण के मोबाइल पर एक अनजान टेलीग्राम लिंक आया। इस लिंक पर क्लिक करते ही वह ऑटोमैटिक तरीके से “इंडिया प्रोमो ट्रेडिंग कंपनी” नाम के एक ग्रुप का हिस्सा बन गए। ग्रुप के एडमिन और खुद को फॉरेक्स ट्रेडिंग कंपनी का प्रतिनिधि बताने वाले लोगों ने वहां निवेश पर भारी मुनाफे के दावे पेश किए। इसी ग्रुप में “एजेंट राजेश पांडेय” नाम के एक यूजर ने नारायण से सीधा संपर्क साधा। एजेंट ने उसे पूरी तरह सुरक्षित निवेश और ‘मनी बैक गारंटी’ का भरोसा दिलाते हुए दावा किया कि उनकी कंपनी कम समय में रकम दोगुनी कर देती है।
6.80 लाख का फर्जी मुनाफा दिखाकर जीता भरोसा
ठगों का काम करने का तरीका बेहद शातिर था। नारायण ने शुरुआत में जब एक छोटी रकम निवेश की, तो जालसाजों ने उसे एक ऑनलाइन डैशबोर्ड पर 6 लाख 80 हजार रुपये का सीधा फायदा (वर्चुअल प्रॉफिट) दिखाया। बिना कोई मेहनत किए लाखों का मुनाफा स्क्रीन पर देखकर नारायण का भरोसा इन तथाकथित ट्रेडिंग विशेषज्ञों पर गहरा हो गया। इसी आभासी मुनाफे को सच मानकर रकम दोगुनी होने की उम्मीद में वह लगातार ठगों के झांसे में आता चला गया। जालसाजों ने इस भरोसे का फायदा उठाया और ज्यादा मुनाफे का लालच देकर उससे बार-बार पैसे जमा कराने का सिलसिला शुरू कर दिया।
एक साल तक चला खेल, मिनटों में ट्रांसफर कराए हजारों रुपये
यह ठगी कोई एक या दो दिन में नहीं हुई, बल्कि ट्रांजेक्शन का यह सिलसिला लगभग एक साल तक चलता रहा। शिकायत में दिए गए विवरण के मुताबिक, 27 दिसंबर 2024 से लेकर 5 नवंबर 2025 के बीच नारायण ने अपने इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और भारतीय स्टेट बैंक के खातों से यूपीआई के माध्यम से कुल 160 बार पैसे ट्रांसफर किए। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि ठगों ने पीड़ित पर इस कदर मानसिक दबाव बनाया था कि वह सोचने-समझने की स्थिति में ही नहीं रहा। इसका अंदाजा 23 जनवरी 2025 को हुए ट्रांजेक्शन से लगाया जा सकता है। इस दिन सुबह 7:45 बजे उससे 10 हजार रुपये जमा कराए गए। इसके ठीक बाद 7:54 बजे, 8:01 बजे, 8:09 बजे और 8:17 बजे भी लगातार रकम जमा कराई गई। महज आधे घंटे के भीतर पांच अलग-अलग किस्तों में 50 हजार रुपये ठगों के खातों में पहुंच गए।
पैसे निकालने की कोशिश की तो खुली पोल
नारायण को इस बड़े फर्जीवाड़े का अहसास तब हुआ जब उसने अपने डैशबोर्ड पर दिख रहे मुनाफे के लाखों रुपये निकालने (Withdraw) की कोशिश की। कंपनी की तरफ से उसे कोई भुगतान नहीं किया गया और एजेंटों ने भी संपर्क तोड़ दिया। तब जाकर उसे समझ आया कि वह 21.32 लाख रुपये गंवा चुका है।
साइबर विशेषज्ञों की सख्त चेतावनी
पचपेड़ी पुलिस ने 46 पन्नों के बैंक स्टेटमेंट को कब्जे में लेकर उन सभी बैंक खातों को ट्रेस करना शुरू कर दिया है, जिनमें नारायण की रकम गई है। इस गंभीर मामले को देखते हुए साइबर विशेषज्ञों और पुलिस ने आम जनता के लिए अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर टेलीग्राम या व्हाट्सएप पर चल रहे अधिकतर ग्रुप पूरी तरह फर्जी हैं। घर बैठे आसानी से कमाई, भारी मुनाफे या रकम दोगुनी करने का दावा करने वाले किसी भी लिंक, ऐप या ग्रुप से दूरी बनाकर रखना ही साइबर ठगी से बचने का एकमात्र सुरक्षित तरीका है।





















