- एसडीएम ने मूल आवंटी और उससे जमीन खरीदने वालों को भेजा नोटिस, झारसुगुड़ा निवासी पति-पत्नी ने भी खरीदी जमीन
रायगढ़ (केलो प्रवाह)। संबलपुरी में सात एकड़ आवंटी जमीन की जांच राजस्व विभाग ने पूरी कर ली है। कलेक्टर के आदेश पर एसडीएम और तहसीलदार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। तहसीलदार ने जमीन के मूल आवंटी और उससे जमीन खरीदने वालों को नोटिस जारी किया है। इसमें रायगढ़ के अलावा झारसुगुड़ा के एक दंपति भी शामिल हैं। पूजा ढाबा के पास करीब सात एकड़ जमीन पर काम चल रहा था। शिकायत मिलने के बाद एसडीएम के आदेश पर नायब तहसीलदार ने मौके की जांच की।
राजस्व अभिलेखों का अवलोकन करने के बाद पता चला कि मूल खसरा नंबर 251 बड़े झाड़ के जंगल के रूप में दर्ज है। इसमें से 251/2 रकबा 2.023 हे. का आवंटन मंगल सिंह पिता भुजबल को 8 फरवरी 1982 को किया गया था। जबकि शेष भूमि खनं 251/1 रकबा 1.505 हे. अब भी शासकीय भूमि के रूप में दर्ज है। खनं 251/2 में से 0.809 हे. की रजिस्ट्री पार्वती देवी पति जय नारायण बड़ोलिया निवासी नयागंज रायगढ़ के नाम पर 1995 में किया गया।
पार्वती देवी ने यह जमीन बाद में लेखा लाठ पति प्रद्युम्न कुमार लाठ निवासी झारसुगुड़ा को बेच दी। वहीं खनं 251/2 में शेष रकबा 1.213 हे. व इसके टुकड़े 251/3 रकबा 0.405 हे., 251/4 रकबा 0.202 हे. का अंतरण लेखा लाठ और प्रद्युम्न लाठ ने बालाजी बिल्डकॉन को 2022 में किया है। तहसीलदार ने जांच में पाया कि पूरी भूमि शासकीय पट्टे से प्राप्त है। एसडीएम ने जांच रिपोर्ट के आधार पर मंगल सिंह पिता भुजबल, पार्वती देवी, लेखा लाठ, प्रद्युम्न लाठ और बालाजी बिल्डकॉन को नोटिस जारी किया है।
आवंटन जमीन बेचने के लिए अनुमति आदेश दिखाएं
एसडीएम ने नोटिस में कहा है कि शासकीय पट्टे से प्राप्त भूमि का अंतरण तभी हो सकता है जब कलेक्टर की अनुमति हो। बिना अनुमति के ही रजिस्ट्री किए जाने पर भू राजस्व संहिता के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। सभी पक्षकारों को 28 अक्टूबर को समस्त दस्तावेजों सहित उपस्थित होने का आदेश दिया गया है। साथ में पेड़ कटाई के लिए ली गई अनुमति भी प्रस्तुत करने को कहा है।























