रायगढ़, (केलो प्रवाह)। सेठ किरोड़ीमल धर्मादा ट्रस्ट का काम था अस्पताल चलाना, धर्मशाला की सुविधाएं बढ़ाना। संपत्तियों से हो रही आय को जनहित के काम लगाना था। पंजीकरण अधिकारी के समक्ष ट्रस्ट का पंजीयन जब हुआ था तो शर्तें तय थी। धर्मार्थ कार्यों के इतर इसका कोई उपयोग नहीं हो सकता। हकीकत सबके सामने है। रायगढ़ शहर का एक-एक व्यक्ति जानता है कि चैरिटेबल ट्रस्ट में चैरिटी वर्क के अलावा सब कुछ हो रहा है। एक भी संपत्ति ऐसी नहीं बची है जिसमें किसी का निजी स्वार्थ न हो।किरोड़ीमल चैरिटेबल ट्रस्ट पर प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की तो ट्रस्टियों के अहं को चोट लग गई है।
अब तक जिस भी अधिकारी ने जांच शुरू की, उसे किसी न किसी तरह दबाया गया। किरोड़ीमल ट्रस्ट की फाइल कई बार निकली लेकिन जांच पूरी करने के पहले ही छिपा दी गई। इस बार कलेक्टर ने ट्रस्ट की विस्तृत जांच करने का आदेश दिया है। नगर निगम क्षेत्र में स्थित 295 संपत्तियों की जांच शुरू की गई है। एक-एक प्रॉपर्टी की वर्तमान स्थिति और किरायानामा से संबंधित दस्तावेज भी मांगे जाएंगे। ट्रस्ट की संपत्ति का व्यावसायिक उपयोग हो रहा है तो उससे हो रही आय किस खाते में जा रही है। ट्रस्ट इस आय को कहां खर्च कर रहा है। सार्वजनिक हित में जिन संपत्तियों का उपयोग होना था, आज वह दुरुपयोग और निजी स्वार्थ के जाल में फंस गई हैं।
ट्रस्टियों ने जमीनों, दुकानों और मकानों को व्यापारियों को सौंप दिया है। किराए पर नहीं बल्कि एक अघोषित डीड के जरिए बेच दिया गया है। उदाहरण के लिए बूजी भवन में पहले धर्मशाला होती थी जिसमें स्थानीय लोग सामाजिक आयोजन करते थे। कई परिवारों ने अपने बच्चों का विवाह भी यहीं किया था, लेकिन अब यहां फर्नीचर हाउस खुल गया है। बताया जा रहा है कि ट्रस्ट ने बूजी भवन को एक व्यापारी को सौंप दिया है। इससे कितनी आय होती है, उसका क्या उपयोग होता है, यह जानकारी ट्रस्ट छिपाकर रखता है। शहर के बीचोंबीच इतनी बड़ी संपत्ति से प्रतिमाह किराए में ही लाखों रुपए मिल जाते।
समाधि को भूले, बना कुत्तों का शेल्टर
रायगढ़ शहर को बसाने वाले सेठ किरोड़ीमल लुहारीवाला ने बहुत भरोसे के साथ ट्रस्ट की नींव रखी थी। उनको सोचना था कि इस तरह से आम आदमी को लाभ होगा और उनका नाम भी शहर से कभी अलग नहीं होगा। इसीलिए शिक्षा, चिकित्सा, समाज कल्याण आदि कामों में संपत्ति का उपयोग होता रहा। उनको क्या मालूम था, बाद में ट्रस्ट की कुर्सियों पर बैठने वाले लोग उनको ही भूल जाएंगे। सेठजी के सिद्धांत तो छोडि़ए, उनकी समाधि को भी भूल गए हैं। सेठ किरोड़ीमल की समाधि को आवारा कुत्तों का शेल्टर होम बना दिया गया है। सेठ किरोड़ीमल, अशर्फी देवी और इमरती देवी की समाधियों का हाल बेहाल है।
क्या कहते हैं उमेश
सेठ किरोड़ीमल धर्मादा ट्रस्ट का उद्देश्य ही जनहित है। ट्रस्ट की संपत्तियों का जनता के हित में उपयोग होना चाहिए। सेठ किरोड़ीमल की संपत्तियों की देखरेख किए जाने की जरूरत है।
– उमेश पटेल, विधायक व पूर्व मंत्री खरसिया
क्या कहते हैं दीवान
रायगढ़ के शिल्पकार सेठ किरोड़ीमल ने दान की परंपरा को अक्षुण्ण बनाए रखा। रायगढ़ में स्थित स्कूल, कॉलेज, मंदिर, कुएं, हॉस्पिटल सहित बहुत से निर्माण कार्य उनकी देन हैं। सेवा का कोई भी क्षेत्र उनके योगदान से अछूता नहीं है। समय रहते उनकी संपत्तियों को सहेजे जाने की आवश्यकता है।
– अरुणधर दीवान, भाजपा जिला अध्यक्ष
क्या कहते हैं शाखा
किरोड़ीमल ट्रस्ट का निर्माण आम जनता के हित में हुआ है। तो इसका उपयोग भी उसी तरह से होना चाहिए।
– शाखा यादव, जिला कांग्रेस अध्यक्ष
क्या कहते हैं शुक्ला
किरोड़ीमल ट्रस्ट की संपत्तियों का जिस तरह से दुरुपयोग किया जा रहा है, वह गंभीर अनियमितता है। इस पर कार्रवाई होनी चाहिए।
– अनिल शुक्ला, पूर्व जिला अध्यक्ष कांग्रेस
क्या कहते हैं जयंत
पूर्व में किरोड़ीमल ट्रस्ट शहर में कई जनहित के कार्य करता रहा है। इससे आम आदमी को लाभ मिलता था, लेकिन अब दुरुपयोग हो रहा है।
– जयंत ठेठवार, नेता प्रतिपक्ष, नगर निगम
क्या कहते हैं विलिस
सेठ किरोड़ीमल ट्रस्ट की स्थापना का उद्देश्य समाज कल्याण है। लेकिन अब पूरी संपत्तियों को कब्जा कर व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। विस्तृत जांच कर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। ट्रस्ट की कमान अब प्रशासन को अपने हाथ में लेनी चाहिए।
– विलिस गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष भाजपा
क्या कहते हैं सत्यानंद
किरोड़ीमल ट्रस्ट पुराने जमाने में जनहित के कार्य करता रहा है। लेकिन अब इसका दुरुपयोग हो रहा है। अस्पताल, स्कूल, धर्म शाला सब बंद हो गए। सरकार को ट्रस्ट का संचालन अपने हाथ में लेना चाहिए।
– सत्यानंद राठिया, पूर्व मंत्री भाजपा
क्या कहते हैं हृदयराम
किरोड़ीमल ट्रस्ट की संपत्तियों का केवल समाज के हित में उपयोग होना चाहिए। यदि दुरुपयोग हो रहा है तो कार्रवाई होनी चाहिए।
– हृदयराम राठिया, पूर्व विधायक कांग्रेस
क्या कहते हैं राकेश
रायगढ़ शहर में किरोड़ीमल ट्रस्ट का अलग स्थान है। समाज कल्याण के कामों में ट्रस्ट जुटा रहता था। लेकिन अब संपत्तियों का केवल व्यावसायिक उपयोग हो रहा है।
– राकेश पांडे, प्रदेश युवा कांग्रेस महासचिव
क्या कहते हैं विकास
सेठ किरोड़ीमल की समाधि का ऐसा हाल बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। ट्रस्ट की संपत्तियों का दुरुपयोग करके निजी हित पूरा किया जा रहा है। यह गलत है।
– विकास केडिय़ा, जिला महामंत्री भाजपा























