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अपना किला बचाने में कामयाब रहे जयंत ठेठवार

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रायगढ़। शहर सरकार की तस्वीर साफ होने के बाद अब कांग्रेस की नजर सभापति की गद्दी पर है। यह इसलिए भी स्वाभाविक है कि, महापौर पद पर कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है। नगर निगम की सियासत के अपराजेय योद्धा जयंत ठेठवार ने इस बार भी अपना पिछला रिकार्ड कायम रखा है। जयंत ठेठवार ६ वीं बार पार्षद निर्वाचित हुए हैं। वर्ष 2014 के नगर निगम को अपवाद माना जा सकता है, क्योंकि उस वक्त

जयंत का गृह वार्ड सामान्य महिला के लिए आरक्षित हो गया था, तब उन्होंने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती अर्चन ठेठवार को चुनाव समर में उतारा था और श्रीमती अर्चना ने श्रीमती नीता पटनायक को पराजित कर विजयश्री का वरण किया था। जयंत के सियासी सफर की बात करें तो, वे पहली बार सन् १९९४ में निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुए थे। उसके बाद जयंत वर्ष १९९९, २००४, २००९, २०१९ व २०२४ में पार्षद चुने गए हैं।

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