खरसिया, 24 मार्च। खरसिया शहर के रिहायशी इलाकों में इन दिनों अवैध रूप से हो रही क्लींकर पाउडर की डंपिंग और लोडिंग ने आम जनजीवन को नरक बना दिया है। औद्योगिक प्रदूषण की इस मार से परेशान होकर और स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, शहर कांग्रेस के नेतृत्व में मोहल्लेवासियों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) खरसिया को एक शिकायती आवेदन सौंपकर इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खरसिया रेलवे स्टेशन स्थित रैक पॉइंट पर पहले खाद्य सामग्री और सीमेंट का काम होता था, लेकिन कुछ साल पहले यहाँ कोयले की लोडिंग-अनलोडिंग शुरू कर दी गई थी। उस वक्त भी स्थानीय विधायक उमेश पटेल की अगुवाई में भारी जनविरोध हुआ था, जिसके बाद कलेक्टर ने जनहित में इसे बंद करा दिया था। लेकिन अब कोयले से भी ज्यादा घातक ‘क्लींकर पाउडर’ का खेल यहाँ धड़ल्ले से चल रहा है। बताया जा रहा है कि बिना पर्यावरण विभाग की अनुमति के ट्रांसपोर्टरों द्वारा रेलवे बाईपास मार्ग के
दोनों तरफ, गंज पीछे के रिहायशी इलाकों और अवैध रूप से संचालित ईंट भट्ठों पर भारी मात्रा में क्लींकर पाउडर डंप किया जा रहा है। इस पाउडर के उड़ने से पूरे क्षेत्र की हवा जहरीली हो गई है। आलम यह है कि धूल के बारीक कण लोगों के घरों के भीतर तक घुस रहे हैं, जिससे बुजुर्गों और बच्चों को सांस लेने में भारी तकलीफ हो रही है और आंखों में जलन की समस्या आम हो गई है। सड़क पर बिखरे पाउडर और भारी वाहनों के शोर के कारण रात भर लोग सो नहीं पा रहे हैं। सुबह वॉक पर निकलने वाले नागरिकों और स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं को इस प्रदूषण के बीच से गुजरना दूभर हो गया है।
मोहल्लेवासियों का कहना है कि यदि शासन-प्रशासन ने समय रहते इस पर कड़ा रुख नहीं अपनाया और डंपिंग को बंद नहीं कराया, तो वे क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस ज्ञापन की प्रतिलिपि विधायक उमेश पटेल, कलेक्टर रायगढ़ और पर्यावरण विभाग को भी भेजकर उचित कार्रवाई की गुहार लगाई गई है।























