रायगढ़ (केलो प्रवाह)। पिछले दिनों महानदी में आई बाढ़ पुसौर तहसील के कई गांवों में असर पड़ा। करीब तीन दिन तक फसल पूरी तरह पानी में डूबी रही। अब पानी उतर चुका है तो नुकसान का आकलन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि करीब साढ़े चार सौ हेक्टेयर भूमि पर फसल को नुकसान हुआ है। तूफान की वजह से लगातार बारिश होने से महानदी का जल स्तर बढ़ गया। गंगरेल डैम और बैराजों के सभी गेट खोले गए थे। इस वजह से हीराकुद डैम के पहले महानदी किनारे डूब का खतरा बन गया था।
कई गांवों में नदी का पानी घुस गया था। रायगढ़ जिले में केवल पुसौर तहसील ही महानदी से प्रभावित रहा। यहां करीब 8 गांवों में बाढ़ का पानी घुसा था। खेतों की मेड़ भी डूब गई थी। खासकर धान और सब्जी की फसलें बाढ़ से डूबी रही। करीब तीन दिन तक सभी खेत जलमग्न रहे। इससे फसलों को बहुत नुकसान हुआ। कृषि विभाग और राजस्व विभाग को फसल की वास्तविक क्षति का आकलन करने को कहा गया है। प्रारंभिक रूप से 8 गांवों में करीब 451 हे. खेतों में फसल को नुकसान पहुंचने का अनुमान है। जिन फसलों को वाकई में नुकसान हुआ है, उसका मुआवजा मिलेगा।
सब्जियों को ज्यादा नुकसान
मिली जानकारी के मुताबिक सूरजगढ़, ग्राम पडिग़ांव, ठेंगागुड़ी, परसापाली, ग्राम खपरापाली, नवापाली, ग्राम बाराडोली, चंघोरी, सिंगपुरी आदि गांवों में ज्यादा नुकसान हुआ है। राजस्व विभाग नुकसान का आकलन कर रहा है जिसके बाद आरबीसी 6-4 के तहत मुआवजा प्रकरण बनाया जाएगा।























