रायगढ़ (केलो प्रवाह)। रविवार को आयोजित व्यापमं की परीक्षा के दौरान स्थानीय चांदमारी हाई स्कूल में उस समय विवाद की स्थिति निर्मित हो गई, जब एक छात्रा के हाथ में बंधे कलावा को परीक्षा केन्द्र में प्रवेश के दौरान उतारने को कहा गया। इस बात की जानकारी मिलते ही एबीवीपी व बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने स्कूल पहुंच कर विरोध जताते हुए जमकर हंगामा मचाया। वहीं मामले की जानकारी मिलने पर एसडीएम, तहसीलदार, एडिशनल एसपी सहित कोतवाली की टीम मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाईश देने का प्रयास किया।
हिन्दू संगठन के कार्यकर्ता केन्द्र अध्यक्ष व स्कूल प्रबंधन के विरूद्ध कार्रवाई की मांग कर रहे थे तथा उनकी ओर से थाने में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई गई है। वहीं एसडीएम द्वारा समिति का गठन कर मामले की जांच कराये जाने के लिए आश्वस्त किया गया तब कहीं जाकर बवाल शांत हो सका। शासन द्वारा रविवार को व्यापमं की परीक्षा का आयोजन किया गया था जिसके अंतर्गत रायगढ़ के विभिन्न स्कूलों में परीक्षा केन्द्र बनाया गया था। वहीं चांदमारी हाई स्कूल परीक्षा केन्द्र में सुबह साढ़े 9 बजे जब परीक्षार्थी पहुंचे तब लड़कियों को हाथ में बंध कलेवा पहन कर जाने पर प्रतिबंध होना बताते हुए कलेवा निकलवा दिया गया। इसी दौरान परीक्षार्थी सांभवी तिवारी को भी हाथ में बंधा कलेवा को ड्यूटी पर मौजुद महिला कर्मचारी ने निकालने को कहा गया तो उसने इसका विरोध किया।
दूसरी ओर इस बात की जानकारी मिलने पर एबीवीपी व बजरंग दल के कार्यकर्ता दोपहर को परीक्षा समाप्त होने के बाद स्कूल पहुंचे और इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला बताते हुए अपना विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने परीक्षा केन्द्र के जिम्मेदार अधिकारियों से सवाल किया कि आखिर किस नियम के तहत छात्रा के हाथ से कलावा उतारवाया गया। वहीं उन्होंने परीक्षा केन्द्र में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर अपनी नाराजगी जताते हुए कलेवा उतारने को कहने वाली कर्मचारी को माफी मांगने तथा परीक्षा केन्द्र के केन्द्राध्यक्ष सहित मामले में जिम्मेदार अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
वहीं मामले की जानकारी मिलने पर एसडीएम महेश शर्मा, तहसीलदार शिव डनसेना, एडिशनल एसपी अनिल सोनी सहित कोतवाली की टीम मौके पर पहुंची और हगांमा मचा रहे एबीवीपी एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को समझाईश दी परंतु वे अपनी मांग पर अड़े रहे। वहीं देर शाम प्रशासन की ओर से एसडीएम महेश शर्मा ने मामले की जांच के लिए समिति का गठन करने के लिए आश्वस्त किया तब कहीं जाकर बवाल शांत हो सका। इसके साथ ही परीक्षा केन्द्र में कलावा उतरवाने के मामले को लेकर उनके द्वारा कोतवाली थाने में लिखित शिकायत भी दी गई है।























