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EWS भूमि पर कलेक्टर की सख्ती : 3 और कॉलोनाइजरों ने शासन को सौंपी करीब तीन एकड़ जमीन

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  • रायगढ़ अनुभाग में अब तक लगभग 13 एकड़ ईडब्ल्यूएस भूमि शासन के पक्ष में सुरक्षित, पांच कॉलोनाइजरों को नोटिस, जांच की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी

रायगढ़, 05 अक्टूबर 2026। रायगढ़ शहर और आसपास के क्षेत्रों में कॉलोनाइजरों द्वारा विकसित की जा रही कॉलोनियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए निर्धारित भूमि की स्थिति स्पष्ट करने और उसे शासन के पक्ष में सुरक्षित करने की कार्रवाई लगातार जारी है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर राजस्व विभाग द्वारा की जा रही जांच के नतीजे में तीन और कॉलोनाइजरों ने करीब 3 एकड़ ईडब्ल्यूएस भूमि रजिस्ट्री के माध्यम से शासन के पक्ष में हस्तांतरित की है। इसके साथ ही रायगढ़ अनुभाग में अब तक लगभग 13 एकड़ ईडब्ल्यूएस भूमि शासन के पक्ष में सुरक्षित की जा चुकी है।

विगत माह हुई रजिस्ट्री का ब्योरा इस प्रकार है। श्री सांई आनंद विहार ने ग्राम जोरापाली के खसरा नंबर 15000 में 0.341 हेक्टेयर भूमि ईडब्ल्यूएस भूमि के रूप में शासन के पक्ष में हस्तांतरित की। हाईटेक बिल्डर एंड डेवलपर्स ने ग्राम बड़े अतरमुड़ा के खसरा नंबर 15002/1 में 0.483 हेक्टेयर तथा स्वर्णभूमि बिल्डर्स ने ग्राम पण्डरीपानी के खसरा नंबर 56/1 एवं 56/2 में 0.428 हेक्टेयर भूमि रजिस्ट्री के माध्यम से शासन को सौंपी। तीनों कॉलोनाइजरों की भूमि को जोड़ें तो कुल 1.252 हेक्टेयर होती है, जो लगभग 3 एकड़ के बराबर है।

यह कार्रवाई कलेक्टर श्री चतुर्वेदी के उस निर्देश का नतीजा है, जो उन्होंने 1 सितंबर 2025 को जिले के सभी राजस्व अधिकारियों को दिया था। इसमें अधिकारियों को ईडब्ल्यूएस भूमि से संबंधित अभिलेखों की जांच करने तथा जांच के बाद शासन के पक्ष की ईडब्ल्यूएस भूमि को सुरक्षित करने के लिए कहा गया था। निर्देश मिलने के बाद रायगढ़ अनुभाग अंतर्गत रायगढ़ एवं पुसौर तहसील में संबंधित भूमि और अभिलेखों की जांच की कार्रवाई शुरू की गई।जांच के पहले चरण में रायगढ़ अनुभाग के चिन्हित 17 कॉलोनाइजरों में से 12 के ईडब्ल्यूएस भूमि से संबंधित अभिलेखों की पड़ताल की गई।

इस पड़ताल में विभिन्न ग्रामों में कुल 10 एकड़ 12 डिसमिल ईडब्ल्यूएस भूमि उपलब्ध पाई गई, जिसे राजस्व अधिकारियों ने सुरक्षित कर अपने कब्जे में ले लिया। यह भूमि पण्डरीपानी, बड़े अतरमुड़ा, पुसौर, छींच, गोपालपुर सहित अन्य ग्रामों में स्थित है। शेष पांच कॉलोनाइजरों के अभिलेखों में ईडब्ल्यूएस भूमि के संबंध में स्थिति स्पष्ट नहीं मिली। ऐसे में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), रायगढ़ ने संबंधित कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी किया है और उनसे भूमि से संबंधित अभिलेख तथा लेखा-जोखा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इन प्रकरणों में अभिलेखों की जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।

राजस्व विभाग के अनुसार ईडब्ल्यूएस भूमि से संबंधित अभिलेखों की जांच और आवश्यक कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। विभाग का कहना है कि इस पूरी कार्रवाई का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्गों के लिए निर्धारित भूमि को सुरक्षित रखना और उसका नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित करना है। कलेक्टर के निर्देश पर चल रही इस मुहिम के परिणामस्वरूप रायगढ़ अनुभाग में विभिन्न कॉलोनाइजरों से अब तक लगभग 13 एकड़ ईडब्ल्यूएस भूमि शासन के पक्ष में सुरक्षित की जा चुकी है।

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