रायगढ़। एक तरफ जहां पूरा देश डीजल-पेट्रोल के संकट से जूझ रहा है, वहीं दूसरी तरफ कुछ पेट्रोल पंप संचालक अपनी मनमानी और लापरवाही से बाज नहीं आ रहे हैं। मामला छाल तहसील के ग्राम हाटी का है, जहाँ स्थित इंद्रा पेट्रोलियम प्वाइंट पर प्रशासनिक टीम ने अचानक धावा बोल दिया। संयुक्त टीम की इस औचक कार्रवाई से पंप प्रबंधन में हड़कंप मच गया। जांच के दौरान मौके पर इतनी गंभीर अनियमितताएं मिलीं कि अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए डीजल टंकी के एक नोजल को सील कर दिया।
न सीसीटीवी चालू, न बिक्री का कोई हिसाब-किताब
राजस्व, खाद्य और नापतौल विभाग की संयुक्त टीम जब जांच करने पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। सुरक्षा के लिहाज से सबसे जरूरी सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े थे। हद तो तब हो गई जब अधिकारियों ने डीजल-पेट्रोल की बिक्री का रिकॉर्ड मांगा; पंप प्रबंधन के पास बिक्री से जुड़ा कोई रजिस्टर या रिकॉर्ड ही नहीं था. डिजिटल के इस दौर में ऑनलाइन ऑटोमेशन रिकॉर्ड भी गायब मिला। देश में जारी तेल संकट के बीच इस तरह की लापरवाही और रिकॉर्ड न रखना कई बड़े सवालों को जन्म देता है। अधिकारियों ने इसे बेहद गंभीर मामला मानते हुए मौके पर ही संचालकों को जमकर फटकार लगाई और दो में से एक डीजल नोजल को तुरंत सील कर दिया।
अधिकारियों की दोटूक: ‘उपभोक्ताओं से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं’
कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ लहजे में चेतावनी दी कि उपभोक्ताओं के हक और सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे ठीक पहले सोमवार को खरसिया के वंदना पेट्रोल पंप पर भी प्रशासन ने ऐसी ही बड़ी कमियां पकड़ी थीं और उसे पूरी तरह सील कर दिया था। प्रशासन की इस बैक-टू-बैक कार्रवाई से जिले के बाकी पेट्रोल पंप संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि यह जांच अभियान रुकने वाला नहीं है, बल्कि पूरे जिले में लगातार जारी रहेगा।























