रायगढ़। जमीन को फिर से बेचने के लिए महिला से सौदा कर भू-स्वामी व ब्रोकर ने मिल कर तकरीबन 25 लाख रूपए बतौर एडवांस के रूप में ले लिया, वहीं राशि लेने के बाद रजिस्ट्री करने में टाल-मटोल करने पर उसने जब पटवारी से संपर्क किया तो इस बात का खुलासा हुआ कि जमीन मालिक व ब्रोकर मिल कर उक्त भूमि को पहले ही बेच चुके हैं। इस पर पीडि़ता ने अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत थाने में की थी परंतु किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होने पर उसने पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र सौंपते हुए न्याय की गुहार लगाई। वहीं, एसपी कार्यालय से मामले की जांच के निर्देश पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरूद्ध धोखाधड़ी का अपराध पंजीबद्ध करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया है। उक्त वाकया खरसिया थाना क्षेत्र का है।
सौदे के नाम पर लाखों की एडवांस रकम की वसूली
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार छाल थानांतर्गत ग्राम नावापारा निवासी अंजनी नायक पति प्रदीप कुमार नायक ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लिखित शिकायत देते हुए बताया था कि वह खरसिया एवं उसके आसपास जमीन खरीदना चाहती थी। अंजनी नायक को ग्राम सूती के लक्ष्मण प्रसाद पटेल ने बताया कि ग्राम छोटे देवगांव में पटवारी हल्का नंबर 40 में भूमि स्वामी नूतन पटैल पिता अंतराम पटैल के नाम पर जमीन है, जिसे वह बेचना चाहता है। वहीं बात को आगे बढ़ाते हुए लक्ष्मण ने अंजनी नायक व उसके पति प्रदीप कुमार को नूतन से मिलवाते हुए जमीन को भी दिखाया। नूतन ने उन्हें ऋण पुस्तिका दिखाते हुए बताया कि उसके नाम से ग्राम छोटे देवंगांव में खसरा नंबर 110/04 में 0.060 हेक्टेयर, खसरा नंबर 112/05 में 0.550 हेक्टेयर, खसरा नंबर 115/05 में 0.506 हेक्टेयर एवं खसरा नंबर 111/08 में 0.087 हेक्टेयर भूमि है, जिसे वह बेचना चाहता है। भू-स्वामी नूतन पटैल ने 4 दिसंबर 2024 को अंजनी नायक से उक्त भूमि का सौदा कर बतौर एडवांस 22 लाख 50 हजार रूपए प्राप्त किया। वहीं इकरारनामा तैयार करवाते हुए भूमि कि रजिस्ट्री फसल कटाई के बाद मार्च के अंत तक कराना तय किया गया था।
केसीसी और बंधक के नाम पर दोबारा की गई उगाही
वहीं अक्टूबर 2025 तक उसने रजिस्ट्री नहीं करवाई। अंजनी नायक के बार-बार रजिस्ट्री करवाने के लिए कहने पर नूतन पटैल ने 23 अक्टूबर 2025 को एक और नया इकरारनामा तैयार करवाया, जिसमें उसने भूमि बैंक में बंधक हैं केसीसी के कारण कहकर बंधक हटाने के लिये अंजनी नायक से पुन: 2 लाख 34 हजार रूपए लिये जिसे अंजनी ने उसके खाते में ट्रांसफर किया था। इस प्रकार नूतन पटैल ने अंजनी नायक से कुल 25 लाख 14 हजार 322 रूपए प्राप्त कर लिया था साथ ही ऋण पुस्तिका को भी उसे दे दिया था। फसल कटाई कर लेने व केसीसी का भुगतान भी कर देने के बाद भी नूतन द्वारा रजिस्ट्री नहीं कराई गई और टाल मटोल करता रहा।
पटवारी की जांच में खुली षड्यंत्र और धोखाधड़ी की पोल
इसी बीच अंजनी नायक को छोटे देवगांव के पटवारी से जानकारी मिली कि नूतन पटैल के नाम पर दर्ज उक्त भूमि में से खसरा नंबर 112/05 में 0.550 हेक्टेयर व खसरा नंबर 111/08 में 0.087 हेक्टेयर भूमि को 5 अक्टूबर 2020 को बिक्री नकल बनवा कर विक्रय कर दिया है, जिसकी रजिस्ट्री भी हो चुकी है। इस रजिस्ट्री में ब्रोकर लक्ष्मण पटेल ही गवाह है। ऐसे में इन दोनों खसरा नंबर की जमीन पर अब उसका कोई स्वामित्व अधिकार नहीं है। इस बात को नूतन पटैल व लक्ष्मण पटेल दोनों जानते थे, बावजूद इसके उन्होने आपसी मिलीभगत से षड्यंत्र पूर्वक अंजनी नायक से सौदा कर 25 लाख 14 हजार 322 रूपए प्राप्त कर लिया गया है। वहीं एसपी कार्यालय से उक्त शिकायत पत्र को जांच कर आगे की कार्रवाई के लिए खरसिया थाना प्रेषित किया गया था। खरसिया थाना में जांच उपरांत शिकायत सही पाये जाने पर आरोपी नूतन पटैल व लक्ष्मण पटेल के विरूद्ध बीएनएस की धारा 318 (4), 3 (5) के तहत अपराध पंजीबद्ध करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।























