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खरसिया में जल संकट से हाहाकार: 75 फीसदी बोरवेल सूखे, पानी को तरस रहे लोग, टैंकरों की राह ताकती जनता

Kharsianews
  • गर्मी से पहले कोई प्लानिंग नहीं, प्राकृतिक जलस्रोतों की अनदेखी का नतीजा; विकास के दावों के बीच पाताल पहुंचा भूजल
  • पालिका अध्यक्ष कमल गर्ग का दावा- 40 टैंकरों से बुझा रहे प्यास
  • कांग्रेस का पलटवार: मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी का आरोप, सुनील शर्मा ने दी आंदोलन की चेतावनी

खरसीया। तपती गर्मी के बीच एक तरफ विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ आम आदमी पेयजल के लिए जद्दोजहद कर रहा है। कभी पानी से लबालब रहने वाले जलस्रोत आज धूल फांक रहे हैं और भूजल स्तर पाताल में जा पहुंचा है। यह भयावह स्थिति किसी दूर-दराज के गांव की नहीं, बल्कि खरसिया नगर पालिका क्षेत्र की है। शहर में पेयजल संकट अब विकराल रूप ले चुका है। भूजल स्तर तेजी से गिरने के कारण सैकड़ों बोरवेल पूरी तरह सूख चुके हैं और ‘भागीरथी’ नल जल योजना भी अब हांफती नजर आ रही है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि कई वार्डों की जनता रतजगा कर टैंकरों का इंतजार करने को विवश है।

दरअसल, सौंदर्यीकरण और विकास के नाम पर शहर के कई प्राकृतिक तालाबों को सुखा कर दिया गया है। कुंओं की भी यही दुर्दशा है। जल संरक्षण की इस घोर अनदेखी के साथ ही, नगर सरकार ने गर्मी शुरू होने से पहले पेयजल व्यवस्था को लेकर कोई ठोस प्लानिंग नहीं की। इसी अदूरदर्शिता का नतीजा है कि आज चिलचिलाती धूप में आम जनता के कंठ सूख रहे हैं, और प्रशासन के मौजूदा इंतजाम पूरी तरह नाकाफी साबित हो रहे हैं। पानी की इस भारी किल्लत के बीच अब शहर का सियासी पारा भी चरम पर है और विपक्ष ने व्यवस्था की इस नाकामी के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दे दी है।

पार्षदों और वार्डवासियों का छलका दर्द

पानी की इस भारी किल्लत पर वार्डवासियों और पार्षदों का दर्द अब छलकने लगा है। जल संकट की असल वजहों को उजागर करते हुए गौ सेवक राकेश केसरवानी ने बताया कि “शहर में करीब 136 बोर पंप पूरी तरह से सूख चुके हैं। उन्होंने नगर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सौंदर्यीकरण के नाम पर ऐन गर्मी में तालाबों को सुखा दिया गया, और रही-सही कसर नहरों में समय पर पानी न छोड़कर पूरी कर दी गई। प्राकृतिक जलस्रोतों की इस अनदेखी और भीषण गर्मी के कारण शहर का वाटर लेवल तेजी से नीचे चला गया है। केसरवानी ने आगे कहा कि फिलहाल टैंकरों से हो रही सप्लाई पूरी तरह से नाकाफी है, जिसके चलते जनता भारी परेशानी झेल रही है।”

वार्ड 04 के रामकिशुन आदित्य व गंज बाजार के मनोज अग्रवाल ‘चूड़ी’ ने बताया कि बोर खराब होने से लोग पूरी तरह टैंकरों पर निर्भर हैं। वार्ड 06 के पार्षद विनोद लाला राठौर ने पनखतिया तालाब व हनुमान चौक क्षेत्र की बदहाली बताई, तो वहीं वार्ड 07 के राजेन्द्र राठौर ‘लालू’ ने नगर सरकार पर असहयोग का सीधा आरोप लगाया है। वार्ड 13 के संजय कबुलपुरिया और सिंधी कॉलोनी के राहुल राजपाल की शिकायत है कि टैंकरों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है और पानी आधा-अधूरा ही मिलता है। पूर्व पार्षद सोनू अग्रवाल और वार्ड 15 के नितिन गोयल ने भी प्राकृतिक जलस्रोतों को सुखाए जाने को इस संकट का मुख्य कारण बताते हुए गहरी नाराजगी जताई है।

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टैंकर आते ही की पानी के लिए जद्दोजहद करते नगरवासी

जल संकट दूर करने प्रयास जारी, 40 टैंकर रोज दौड़ रहे : कमल गर्ग

इस भीषण जनसमस्या को लेकर भाजपा नगर सरकार के अध्यक्ष कमल गर्ग ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि भूजल स्तर पाताल में चले जाने के कारण यह भयंकर स्थिति पैदा हुई है। गर्ग ने स्वीकार किया कि पालिका क्षेत्र में लगे करीब 200 बोरपंपों में से 75 फीसदी जलस्तर गिरने से सूख चुके हैं, यहां तक कि लोगों के निजी बोरवेल ने भी जवाब दे दिया है। राहत कार्यों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि वर्तमान में जल आवर्धन योजना के तहत नदी से सप्लाई की जा रही है और वार्ड नंबर 4 व 15 में दो नई टंकियां बनवाई गई हैं। जिन इलाकों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा, वहां 40 टैंकरों के जरिए रोज सप्लाई कर लोगों की प्यास बुझाने का प्रयास किया जा रहा है।

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प्यासी जनता टैंकर से पानी लेने को मजबूर

इंटकवेल से होने वाली सप्लाई में आ रही दिक्कतों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि तेज हवा-बारिश से बिजली गुल होने पर व्यवस्था प्रभावित होती है। वहीं, ऐन गर्मी में तालाब सुखाने के आरोपों पर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि चंदन तालाब का पानी बेहद दूषित हो चुका था, इसलिए उसकी सफाई अनिवार्य थी। तालाब में चारों ओर से आने वाले गंदे पानी को रोकने के लिए वहां नाली का निर्माण भी करवाया जाना है। गर्ग ने आश्वासन दिया कि अगली गर्मियों में शहर को ऐसे संकट का सामना न करना पड़े, इसके लिए 3 नए ओवरहेड टैंक बनाने और नई पाइपलाइन बिछाने की कार्ययोजना पर काम चल रहा है।

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कमल गर्ग – नगर पालिका अध्यक्ष

जल संकट दूर नहीं हुआ तो कांग्रेस करेगी आंदोलन – सुनील शर्मा

पालिका प्रशासन के इन दावों के बीच अब विपक्ष ने नगर सरकार के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। इस मुद्दे पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती राधा शर्मा के प्रतिनिधि व शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा ने सत्ता पक्ष पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आज भीषण गर्मी में पूरा शहर बूंद-बूंद पानी के लिए जूझ रहा है। सुनील शर्मा ने अपने कार्यकाल की याद दिलाते हुए दावा किया कि उनके समय में पेयजल व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता पर थी और पूरा पालिका क्षेत्र ‘टैंकर विहीन’ था, जहां हर वार्ड में पर्याप्त पानी की सप्लाई होती थी। वर्तमान भाजपा शासित नगर सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मौजूदा सत्तासीन लोगों को जनता की मूलभूत आवश्यकताओं से कोई सरोकार नहीं है, वे सिर्फ अट्टालिकाएं खड़ी करने और भ्रष्टाचार में व्यस्त हैं।

उन्होंने कहा कि यदि नगर सरकार ने गर्मी से पहले पेयजल व्यवस्था की ठोस प्लानिंग की होती, तो आज शहरवासियों को पानी के लिए यूं भटकना नहीं पड़ता। सुनील शर्मा ने आरोप लगाया कि सौंदर्यीकरण के नाम पर बड़े तालाबों को सुखा दिया गया, लेकिन वहां अब तक कोई काम शुरू नहीं हुआ, जिसका सीधा खामियाजा गिरते भूजल स्तर के रूप में जनता भुगत रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते जल संकट दूर करने के ठोस उपाय नहीं किए गए, तो कांग्रेस बहुत जल्द शहर में एक आंदोलन छेड़ेगी।

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सुनील शर्मा – शहर कांग्रेस अध्यक्ष

कब टूटेगी जिम्मेदारों की नींद ?

बहरहाल, जल संकट के बीच तड़प रही जनता को कब राहत मिलेगी यह तो समय ही बताएगा, लेकिन इस वक्त गर्मी के मौसम में खरसिया का जो भीषण जल संकट है, उससे आम आदमी पूरी तरह टूट चुका है। उम्मीद है कि नगर सरकार और शासन-प्रशासन जमीनी हकीकत से जुड़ी इस खबर को गंभीरता से पढ़ेंगे और अपनी कुंभकर्णी नींद से जागकर शहरवासियों को इस संकट से उबारने के लिए तत्काल कोई ठोस और जरूरी पहल करेंगे।

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हालात बयां करती तस्वीर

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विकास पाण्डेय

एडिटर - वेब एवं डिजिटल

विकास पाण्डेय अक्टूबर 2021 से 'केलो प्रवाह' के साथ जुड़े हैं और डिजिटल विंग के संचालन एवं संपादन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। रायगढ़ और छत्तीसगढ़ के प्रमुख घटनाक्रम, जनहित के मुद्दों और स्थानीय सरोकारों पर रिपोर्टिंग करते हैं। उन्होंने RIG24 मीडिया नेटवर्क से पत्रकारिता की शुरुआत की और इसी दौरान BJMC की डिग्री हासिल की।

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