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तमनार बना अखाड़ा, इधर कोर्ट से स्टे उधर अध्यक्ष लगा रहे शिविर

Tamnar
  • हाई कोर्ट ने नपं गठन पर रोक लगाते हुए ग्राम पंचायत को संचालन का दिया है अधिकार

रायगढ़। तमनार नगर पंचायत पर काबिज होने की जल्दबाजी में अदालती आदेशों को भी दरकिनार किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने नगर पंचायत तमनार की गठित कमेटी पर रोक लगा दी थी। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्यों का मनोनयन कर दिया गया था। समिति के काम करने पर रोक लगी है। ग्राम पंचायत को काम जारी रखने का आदेश दिया गया था। लेकिन तमनार में नपं कमेटी ने सुशासन तिहार शिविर भी लगा लिया और लोगों से आवेदन भी ले लिए। सरकार ने तमनार को नगर पंचायत बनाने की अधिसूचना जारी की थी। इसमें ग्राम पंचायत तमनार और बासनपाली को शामिल किया गया है। इसके बाद 16 फरवरी को एक और अधिसूचना जारी की गई थी, जिसके तहत अश्वनी पटनायक को

अध्यक्ष, सुरेंद्र साहू उपाध्यक्ष, जगन्नाथ सिदार, सुखीलाल सिदार, गीतांजलि पटनायक, सुखदेव नायक, हेमलाल साहू, अमृतलाल साहू, योगेश गुप्ता, ज्योति पटेल, जीवन पटेल को शामिल किया गया। ग्राम पंचायत तमनार ने इसके विरुद्ध याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया कि तमनार ब्लॉक अनुसूचित क्षेत्र में आता है। इसके बावजूद राज्य सरकार ने नगर पंचायत के संचालन के लिए 1961 के अधिनियम की धारा 16(1) के तहत एक समिति बना दी। जबकि नगर पालिका अधिनियम की धारा 5(1) के दूसरे प्रावधान के अनुसार, जब तक नई नगर पंचायत के लिए निर्वाचित निकाय का गठन नहीं हो जाता, तब तक पूर्ववत ग्राम पंचायत का अधिकार क्षेत्र बना रहता है।

ऐसे में समिति को नामित करना नियम विरुद्ध है। राज्य शासन की ओर से दलील दी गई कि यह अधिसूचना ग्राम पंचायत बासनपाली के 27 फरवरी 2024 के प्रस्ताव के आधार पर जारी की गई है और याचिकाकर्ता को राहत नहीं दी जानी चाहिए। हाईकोर्ट ने कहा कि 16 फरवरी 2026 की अधिसूचना पर जिस समिति का गठन किया गया था, उस पर अगली सुनवाई तक रोक लगाई थी जो अब भी जारी है। लेकिन तमनार में कमेटी ने ग्राम पंचायत को दरकिनार करते हुए कब्जा ले लिया है। यही नहीं सुशासन तिहार के लिए शिविर भी लग गया जिसमें अध्यक्ष और सीएमओ भी शामिल हो गए।

रोक हटी नहीं, अंतिम आदेश भी नहीं आया

ग्राम पंचायत तमनार को नगर पंचायत बनाने के बाद संस्था पर काबिज होने के लिए भारी जोड़तोड़ किया गया। तमनार नगर पंचायत को अपनी मुट्ठी में करने के लिए नियमों की भी परवाह नहीं की गई। नगर पंचायत में चुनाव करवाते हुए पदाधिकारी चुने जाने हैं। लेकिन निर्वाचन की कोई सुगबुगाहट नहीं है। अदालत के आदेश पर ग्राम पंचायत को ही काबिज रहना है लेकिन यहां उल्टा हो रहा है।

जवाब दाखिल करने का निर्देश

इस केस की सुनवाई 27 अप्रैल को हुई है जिसमें अदालत ने शासन को जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। अदालत ने पूर्व में दी गई अंतरिम राहत को बरकरार रखा है। मतलब स्टे जारी रहेगा। इधर अध्यक्ष अश्वनी पटनायक ने शिविर लगाकर नगर पंचायत की तरह काम शुरू कर दिया।

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