नंदेली। भारत स्काउट एंड गाइड छत्तीसगढ़ एवं यूनिसेफ का संयुक्त कार्यक्रम मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन (MHM) के अंतर्गत बालिकाओं की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों पर केंद्रित स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वच्छता पर एकदिवसीय कार्यशाला संपन्न हुआ। इस अवसर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं स्काउट सहायक जिला आयुक्त (स्का.) संजय कुमार पटेल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नंदेली के चिकित्सा अधिकारी श्रीमती यमुना पटेल, स्वास्थ्य विभाग सेवानिवृत्त एवं विद्यालय के संरक्षक उम्मेद राम पटेल, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष प्रेम शंकर पटेल, उपाध्यक्ष सुनील पटेल, कोषाध्यक्ष खगपति मालाकार, सचिव प्रदीप कुमार पटेल, जिला संगठन आयुक्त स्काउट (स्का.) रामाधार चौधरी, केंवरा कैवर्त, रामकुमार पटेल एवं सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित थे।
रामाधार चौधरी ने सभी अतिथियों का परिचय कराते हुए बच्चों को मासिक धर्म से संबंधित जानकारियां एवं स्वच्छता पर विशेष जानकारियां बताये। हमारा कर्तव्य है कि हम समाज में जागरूकता फैलाएँ और पीरियड को अभिशाप नहीं, बल्कि एक प्राकृतिक और सम्माननीय प्रक्रिया के रूप में स्वीकार करें। महिलाओं, बेटियों के साथ इस समय भेदभाव नहीं, बल्कि अपनापन, सम्मान और सहयोग दिखाना ही सच्ची मानवता है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नंदेली के सस्था प्रभारी व ग्रामीण चिकित्सा सहायक श्रीमती यमुना पटेल ने स्वास्थ्य सेवाओं के बारे जानकारी देते हुए उचित आहार एवं खान-पान करने की सलाह दी।
यमुना पटेल जी ने कहा कि मासिक धर्म संबंधी स्वच्छता की कमी गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकती है, जैसे प्रजनन और मूत्र मार्ग में संक्रमण, जिसके परिणामस्वरूप भविष्य में बांझपन और जन्म संबंधी जटिलताएँ हो सकती हैं। इसलिए माहवारी के समय विशेष रूप से स्वच्छता में ध्यान रखना चाहिए। उम्मेद राम पटेल ने मासिक धर्म और स्वच्छता से संबंधित सारगर्भित बातें बताया। सुनील पटेल एवं खगपति मालाकार ने भी कार्यशाला में बालिकाओं को मासिक धर्म एवं स्वच्छता पर दिशा निर्देश दिए।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी संजय कुमार पटेल ने माहवारी के दौरान पौष्टिक आहार एवं खूब पानी पीने की सलाह देते हुए कहा कि मासिक धर्म अभिशाप नहीं बल्कि ईश्वर का वरदान है,पीरियड (मासिक धर्म) महिलाओं के जीवन का एक प्राकृतिक और महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह प्रकृति द्वारा दिया गया एक ऐसा वरदान है, जिसके माध्यम से नया जीवन जन्म लेता है। एक महिला ही इस संसार में नवजीवन का निर्माण कर सकती है, और इस प्रक्रिया में पीरियड की अहम भूमिका होती है। पटेल जी ने कहा कि किशोरावस्था बदलाव का समय है, इस दौरान शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों का ध्यान रखना जरूरी है।























