- जिले में 12 हजार बॉटल डीएपी और 3000 बोतल यूरिया की जरूरत
रायगढ़, 22 जून। कृषि विभाग ने किसानों को यूरिया और डीएपी की कम आपूर्ति से राहत पाने के लिए नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का उपयोग करने की सलाह दी है। लेकिन जिले में इसकी भी आपूर्ति पर्याप्त नहीं है। अभी रायगढ़ जिले में करीब 12 हजार बोतल नैनो डीएपी और 3000 बोतल नैनो यूरिया की जरूरत है। प्राइवेट दुकानों में इसका स्टॉक फुल है। उर्वरक के कारोबार में भी बहुत बड़ा ट्रांसफॉर्मेशन होने जा रहा है। डीएपी और यूरिया सब्सिडाइज्ड उर्वरक हैं। इससे सरकार को हर साल हजारों करोड़ का बोझ पड़ता है। इस बार युद्ध की वजह से इनकी आपूर्ति कम हो रही है। इसलिए सरकार ने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी को बढ़ावा देने के आदेश दिए हैं।
किसानों को कहा जा रहा है कि वे यूरिया और डीएपी की शॉर्टेज को नैनो प्रोडक्ट्स से पूरा करें। लेकिन इसमें भी रुकावट आ रही है। समितियों में यूरिया तो कुछ मात्रा में है लेकिन डीएपी और एनपीके की कमी है। खेती लेट होने की वजह से किसान भी असमंजस में है। नैनो यूरिया और डीएपी भी पर्याप्त नहीं है। से दोनों लिक्विड उर्वरक 500 मिली की बोतलों में आते हैं। इस हिसाब से रायगढ़ जिले में करीब 12 हजार बोतल नैनो डीएपी और 3000 बोतल नैनो यूरिया की जरूरत है। इधर प्राइवेट दुकानों में इन दोनों प्रोडक्ट का स्टॉक पूरा है। मजे की बात यह है कि दोनों की लिक्विड उर्वरक सब्सिडी से बाहर हैं। मतलब जितनी कीमत है, उतनी देनी पड़ेगी।
प्राइवेट में कम कीमत पर उपलब्ध
शासन ने प्रति बोरी यूरिया का मूल्य 266.50 रुपए, डीएपी बोरी 1350 रुपए, सुपर फास्फेट पाउडर 551 रुपए, सुपर फास्फेट दानेदार 591 रुपए, जिंकेटेड सुपर फास्फेट 576 रुपए, टीएसपी 1300 रुपए, एनपीके (20:20:0:13) – 1850 रुपए, एनपीके (10:26:26)-1990 रुपए तथा पोटाश 1975 रुपए निर्धारित की गई है। इसी प्रकार नैनो यूरिया 500 मिलीलीटर की बोतल 225 रुपए तथा नैनो डीएपी 600 रुपए प्रति बोतल निर्धारित है। लेकिन प्राइवेट दुकानों में खाद बोरी खरीदने पर नैनो उर्वरक कम कीमत पर मिल जाते हैं।























