- राज्यसभा सांसद से अनुशंसा करवाकर काम करवाए थे स्वीकृत, नंदराम लहरे के विरुद्ध चक्रधर नगर थाने में अपराध दर्ज
रायगढ़ (केलो प्रवाह)। रायगढ़ पुलिस की रडार से कोई भी अपराधी ज्यादा समय तक बच नहीं सकता। बहुत कम आरोपी ऐसे होते हैं जो पुलिस का दिमाग भी घुमा देते हैं। इन्हीं में से एक है नंदराम लहरे। चक्रधर नगर थाने में धारा 420 आईपीसी के तहत एफआईआर दर्ज हुए एक महीना बीत चुका है लेकिन अब तक वह पकड़ से बाहर है। राज्यसभा सांसद मद से मिले करीब सवा करोड़ रुपए की लागत से विकास कार्य किए जाने थे। सारंगढ़ के शातिर ठेकेदार नंदराम लहरे ने कोई और ही प्लानिंग की थी। रायगढ़ का कोई चालाक अपराधी ऐसा सोच भी नहीं सका जो नंदराम ने कर दिखाया।
कोसीर जैसे छोटे से जगह का व्यक्ति इतना शातिर हो सकता है, कोई सोच नहीं सकता। मनरेगा में तीन करोड़ का घपला करने वाले ने नंदराम लहरे 12 साल बाद फिर से रायगढ़ जिले को ही चुना। इस बार सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास मद में सेंधमारी कर ली। बिना काम किए ही जनपद पंचायत को बायपास करके रकम का आहरण कर ली। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद केटीएस तुलसी ने 2020 से अप्रैल 2026 तक कार्यकाल के दौरान रायगढ़ जिले में भी काम अनुशंसित किए थे। रायगढ़ जिले में कोसीर सारंगढ़ के फर्म महावीर ट्रेडर्स कोसीर संचालक नंदराम लहरे ने एकताल, धनुआरडेरा और मिड़मिड़ा में सीसी रोड और सोलर स्ट्रीट लाइट के 11 कामों की मंजूरी ली।
करीब 1.19 करोड़ की स्वीकृति दी गई थी। इसमें से 91,73,976 रुपए केंद्रीय नोडल खाता नई दिल्ली से संबद्ध महावीर ट्रेडर्स कोसीर के खाते में ट्रांसफर किए गए। उस दिन से नंदराम लहरे किसी को नहीं दिखा। न काम हुआ और न रकम वापस हुई। कलेक्टर के निर्देश पर जिला योजना एवं सांख्यिकी विभाग ने चक्रधर नगर थाने को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। 2-3 सितंबर को ही धारा 420 के तहत अपराध दर्ज हो चुका है। एक महीने बीत चुके हैं लेकिन नंदराम लहरे अब तक फरार है।
एक माह का समय मांगा ताकि रकम ठिकाने लगा सके
वर्ष 23-24 में ये कार्य स्वीकृत किए गए थे। नियमों के तहत सांख्यिकी विभाग से काम की स्वीकृति की फाइल निर्माण एजेंसी जनपद पंचायत पुसौर को भेजी जानी थी। वहां से वर्क ऑर्डर, प्लान आदि फाइनल होने के बाद काम शुरू किया जाना था, लेकिन ठेकेदार ने ऐसी सेटिंग की कि रकम सीधे उसके एकाउंट में आ गई। नोटिस मिला तो नंदराम ने काम पूरा करने के लिए एक माह का समय मांगा था। समय बीतने के बाद भी काम नहीं हुए। पुलिस खोजबीन कर रही है लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका है।
नोटिस के बाद जवाब देने नहीं पहुंचे
कलेक्टर ने इस मामले में जांच के आदेश दिए थे। काम नहीं होना प्रमाणित होने के बाद ठेकेदार नंदराम लहरे को नोटिस दिया गया था। नोटिस के बाद भी वे कलेक्टर रायगढ़ के समक्ष स्पष्टीकरण देने नहीं पहुंची थी। मामला बेहद गंभीर होने की वजह से जिला योजना सांख्यिकी विभाग को राशि रिकवरी और एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए गए थे।
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