रायगढ़। इण्डियन प्रीमियर लीग यानि आईपीएल 2026 पूरे यौवन पर है। क्रिकेट सट्टे के दीवानों के लिए आईपीएल महाकुंभ के समान है। सो-स्वाभाविक सी बात है कि क्रिकेट सट्टे की महफिल रौशन है। छत्तीसगढ़ के अन्य शहरों के साथ ही रायगढ़ भी इससे अछूता नहीं है। हाल ही के कुछ वर्षों में अंक सट्टा के स्थान पर क्रिकेट सट्टा के शौकीनों की संख्या मेंं अप्रत्याशित तौर पर इजाफा हुआ हैं। पेशेवर सटोरियों और जुआरियों से लेकर क्रिकेट सट्टे के मकडज़ाल ने धनाढ्य नव धनाढ्य वर्ग से लेकर उच्च मध्यम तबके व निम्न मध्यम वर्ग के युवकों को अपनी चपेट में लिया है। क्रिकेट सट्टे के खिलाफ रायगढ़ पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाईयां की है, बावजूूद इसके क्रिकेट सट्टा के दीवानों का जुनून बरकरार हैं।
इन दिनों रायगढ़ के सटोरिए सीधे रायपुर से जुड़ गए हैं क्योंकि उन्हें रायगढ़ पुलिस का काफी खौफ है और करें भी तो करें क्या, उन्हें क्रिकेट सट्टे की बुरी लत जो लग रखी है। पिछले दो महीनोंं के अंतराल में रायगढ़ पुलिस ने क्रिकेट सट्टे के साम्राज्य को ध्वस्त करने मेें कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी है। इसे एसएसपी शशिमोहन सिंह की दृढ़ इच्छाशक्ति व ईमानदार कार्यशैली कहें या फिर नगर पुलिस अधीक्षक आईपीएस मयंक मिश्रा की कर्मठता, कि खाकी के भय के कारण कई सटोरियों ने काम से तौबा करा ली है और कुछ खाईवाल जेल मेें बंद हैं और कुछ सटोरी पूरी तरह से भूमिगत हो चुके हैं लेकिन रायगढ़ पुलिस को क्रिकेट सट्टे के तिलस्म को भेदने के लिए कुछ और मेहनत करने की दरकार है।
सेशन पर फोकस
आईपीएल के हर मैच में सेशन पर सटोरियोंं का खासा ध्यान रहता है। रन बनना और नहीं बनना, इस खेल के दो अलग- अलग अहम हिस्से हैं। मैच शुरू होने के पहले ही दोनों टीमों के भाव उपलब्ध हो जाते हैं। धनाढ्य वर्ग के सटोरी मैच प्रारंभ होने से पहले ही ताकतवर टीम का सौदा कर लेते हैं।
हर गेंद व विकेट में बदलता हैं भाव
आईपीएल के मैच के सेशन टीमों का भाव बदलते रहता हैं। चौके छक्के व विकेट होने पर भाव पर खाईवाल तडक़ा लगाते हैैं। अमूमन हर गेंद, डॉट गेंद, एक-दो रन के बाद भाव म उलट फेेर होता रहता हैं।
आखिर कौन है वो…..
रायगढ़ क्रिकेट सट्टा के आकाश मेें पिछले कुछ दिनों से यह सवाल तैर रहा है कि शहर के सटोरियों को किसने रायपुर शिफ्ट किया है। पुलिस की सख्ती के कारण ९५ प्रतिशत से अधिक खाईवालों ने क्रिकेट का काम करने से कन्नी काट ली है लेकिन रायगढ़ का एक कुख्यात खाईवाल फिर एक्टिव मोड में हैं। यह सटोरिया पूर्व में भी जेल की हवा खा चुका है और वह क्रिकेट सट्टा के खाली मैदान को देखते हुए अपनी बादशाहत कायम करने की फिराक में हैं। विश्वस्त सूत्रों पर यकीन करें तो इस खाईवाल ने रायपुर के प्रिन्सु नामक शख्स के साथ गठजोड़ कर लिया है और रायगढ़ के खिलाड़ियों को रायपुर में प्लेटफार्म मुहैय्या करा रहा है। इस बदमाश सटोरियों के वेतनभोगी मुजाजिमों, शुभचिंतकों और साथियों की पुलिस चौकस निगरानी करे व आधुनिक अपराध अन्वेषण पर नजरें जमाए तो पूरा माजरा स्वमेव सामने आ जाएगा।





















