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प्राइवेट स्कूलों में 25 कोर्स पूरा, यहां आत्मानंद स्कूल में भर्ती नहीं कर पाए

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  • सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था वेन्टिलेटर पर, समय की मांग के अनुरूप स्तरीय  शिक्षा उपलब्ध कराने में नाकाम

रायगढ़। मौजूदा दौर में स्कूली शिक्षा के दो चेहरे हैं, एक सरकारी और दूसरा निजी स्कूलों का। दोनों में ही नई एजुकेशन पॉलिसी लागू हो रही है। जो अंतर है वह शिक्षा के स्तर और शिक्षण का है। यही कारण है कि एक ही विभाग के अधीन आने वाले दोनों स्कूलों में शिक्षा का स्तर इतना अलग है। सोचिए कि प्राइवेट स्कूलों में कोर्स कठिन होने के बावजूद 25 प्रश पूरा किया जा चुका है जबकि उत्कृष्ट आत्मानंद स्कूलों में भर्ती तक नहीं हो सकी है। बच्चों का भविष्य तभी अच्छा होगा जब उनको स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। इसके लिए स्तरीय शिक्षक और गुणवत्तापूर्ण अध्यापन होना चाहिए।

सरकारी स्कूलों को भी सरकार ने दो वर्गों में बांट दिया। प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर स्वामी आत्मानंद स्कूल और पीएमश्री स्कूल शुरू किए गए। अब इन स्कूलों को भी नाकारा बनाने की साजिश शुरू हो चुकी है। आत्मानंद स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया पर नजर डालें तो एक षडयंत्र साफ नजर आएगा। शिक्षा विभाग ने 22 मई 2025 को 58 पदों पर भर्ती निकाली थी जिसमें सभी पदों पर भर्ती नहीं हो सकी। कुछ शिक्षकों ने त्यागपत्र दे दिया। एक साल तक विभाग खाली बैठा रहा।

नया शिक्षण सत्र प्रारंभ होने के 15 दिन पहले 29 मई 2026 को जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के पीएम श्री और स्वामी आत्मानंद स्कूलों में शिक्षक, प्रयोगशाला सहायक, ग्रंथपाल के 46 पदों पर वैकेंसी निकाली। हैरानी तो तब हुई जब अगले ही दिन 30 मई को लोक शिक्षण संचालनालय छग ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में हो रही संविदा भर्ती को ही स्थगित कर दिया। इसके बाद एक महीने से कोई सुगबुगाहट नहीं है। इधर प्राईवेट स्कूलों ने करीब 25 प्रश कोर्स पूरा भी कर लिया है। सरकारी स्कूलों में यही तय नहीं कर सके कि शिक्षक नियुक्त करने हैं या नहीं।

गणित और अंग्रेजी के शिक्षक नहीं खोज पाए

स्वामी आत्मानंद स्कूल खोलने के बाद यहां के शिक्षकों की भर्ती के लिए संविदा प्रथा अपनाई गई, लेकिन डिग्री कोर्स को ही मान्यता दी गई। साथ में टेट, बीएड, डीएड, डीएलएड आदि को अनिवार्य किया गया। युक्तियुक्तकरण के बाद सामान्य सरकारी स्कूलों की ओर देखना बंद कर दिया गया है, लेकिन स्वामी आत्मानंद सरकारी स्कूलों में भी हाल बेहाल है। 10 वीं और 12 वीं के सबसे खराब रिजल्ट वाले स्कूलों में भी आत्मानंद स्कूल शामिल हैं।

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