रायगढ़। ग्राम पंचायत के द्वारा गरीबी उन्मूलन के तहत प्राप्त हितग्राही की दुकान को अन्य व्यक्ति द्वारा उक्त दुकान उसे आबटित होने का दावा करते हुए जबरन कब्जा कर लिए जाने का मामला प्रकाश में आया है। वहीं जनपद पंचायत सीईओ द्वारा मूल हितग्राही को दुकान का कब्जा दिलवाने पंचायत को आदेश दिये जाने के बाद भी न तो पंचायत ने कोई कार्रवाई की और न ही कब्जेधारी ने कब्जा खाली किया। इस बात से परेशान हो कर ग्रामीण ने न्यायालय में परिवाद दायर किया था। वहीं न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव व अवैध कब्जाधारी के विरुद्ध जुर्म दर्ज कर आगे की कार्रवाई प्रारम्भ कर दी है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार घरघोड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम कुडुमकेला निवासी रविशंकर श्रीवास ने घरघोड़ा न्यायालय में परिवाद दायर करते हुए बताया था कि ग्राम पंचायत कुडुमकेला के अंतर्गत गरीबी उन्मूलन के तहत नाई एवं धोबी की दुकान का निर्माण कराया गया है जो गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले बीपीएल कार्डधारी को आबंटित किया जाना था। उक्त दुकान निर्माण के बाद ग्राम पंचायत कुडुमकेला के सरपंच, उपसरपंच एवं पंचगण द्वारा 20 अप्रैल 2009 को एक सहमति पत्र निष्पादित किया गया जिसमें उपरोक्त निर्मित दुकान में से नाई की दुकान को पात्रता के आधार पर उसे खोलने की अनुमति दी गई थी।
वहीं रविशंकर श्रीवास ग्राम पंचायत की सहमति से उक्त दुकान को खोलने की तैयारी करने लगा इसी बीच गांव का ही एक अन्य नाई सुंदर लाल श्रीवास ने रविशंकर के साथ विवाद करते हुए ग्राम पंचायत सचिव द्वारा उक्त दुकान को उसे आबंटित किया जाना कहते हुए अपना कब्जा जमाते हुए दुकान खोल लिया गया। चूंकि रवि शंकर को पूर्व से ग्राम पंचायत का सहमति प्राप्त थी लिहाजा उसने 16 नवंबर 2009 को घरघोड़ा एसडीएम के समक्ष कब्जा दिलवाने का निवेदन किया गया था जिस पर एसडीएम ने नियमानुसार कार्यवाही करने जनपद पंचायत सीईओ को निर्देशित किया था।
वहीं जनपद पंचायत सीईओ ने सुंदरलाल श्रीवास के अवैध कब्जे को खाली करा कर पात्र व्यक्ति को आबंटित करने ग्राम पंचायत सरपंच व सचिव को आदेशित किया था, किन्तु पंचायत द्वारा दुकान आबंटन की कार्यवाही नहीं की गई। आखिरकार परेशान हो कर रवि शंकर श्रीवास ने घरघोड़ा न्यायालय में परिवाद पत्र दाखिल किया था जिस पर कोर्ट ने आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर करने का निर्देश देने पर घरघोड़ा पुलिस ने ग्राम पंचायत कुडूमकेला के सरपंच, सचिव तथा कब्जाधारी सुंदर लाल श्रीवास द्वारा रविशंकर को क्षति पंहुचाने के उद्देश्य से कूटरचित दस्तावेज बना कर अवैध रूप से दुकान का आबंटन किया जाना पाने पर उनके विरुद्ध भादंवि की धारा 166, 166 (ए ), 167, 420 के तहत जुर्म दर्ज करते हुए आगे की कार्रवाई प्रारम्भ कर दी है।












