रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में रहने वालों के लिए वह सुबह अब दूर नहीं जब उन्हें तेलीबांधा या रिंग रोड के सिग्नल पर मिनटों तक पसीना नहीं बहाना पड़ेगा। रायपुर की यातायात व्यवस्था को एक नए युग में ले जाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। डिप्टी सीएम और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव की पहल पर शहर को 4 नए फ्लाईओवर्स की सौगात मिलने जा रही है, जिसके लिए सरकार ने 360 करोड़ 35 लाख रुपये का भारी-भरकम बजट जारी कर दिया है।
जाम के झाम से मिलेगी बड़ी राहत
रायपुर की लाइफलाइन कही जाने वाली जी.ई. रोड पर यातायात का दबाव अब असहनीय हो चुका है। इसी को देखते हुए विभाग ने सबसे बड़ा दांव गुरु तेज बहादुर उद्यान से तेलीबांधा के नेताजी सुभाष चौक तक खेला है। करीब 172.86 करोड़ की लागत से बनने वाला यह फ्लाईओवर शहर के सबसे व्यस्त ट्रैफिक को बाईपास कर देगा। वहीं, रिंग रोड-2 के सोनडोंगरी चौक पर बनने वाले ओवरपास (लागत 43.89 करोड़) से भारी वाहनों और स्थानीय ट्रैफिक के बीच होने वाली उलझन खत्म होगी।
क्यों खास है यह प्रोजेक्ट?
सिर्फ कंक्रीट का ढांचा खड़ा करना ही सरकार का मकसद नहीं है, बल्कि रायपुर को एक ‘स्मार्ट और स्मूथ’ सिटी में बदलना है। अक्सर देखा जाता है कि शहर के भीतर गाड़ियां रेंगती हैं, जिससे न केवल समय की बर्बादी होती है बल्कि प्रदूषण भी बढ़ता है। इन चार फ्लाईओवर्स के बन जाने से रायपुर की सड़कों पर वाहनों का फ्लो सुव्यवस्थित हो जाएगा। जनता लंबे समय से इन प्रोजेक्ट्स की बाट जोह रही थी, और अब प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद इस साल काम शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।
“रायपुरवासियों का सफर होगा सुहाना” – अरुण साव
इस बड़ी घोषणा के बाद उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने साफ किया कि राज्य शासन रायपुर की कनेक्टिविटी को लेकर गंभीर है। उन्होंने कहा कि शहर में सड़कों का जाल बिछाने और फ्लाईओवर्स बनाने का सिलसिला जारी रहेगा। साव के मुताबिक, “हमारा लक्ष्य केवल फ्लाईओवर बनाना नहीं, बल्कि रायपुर के हर नागरिक को एक सुरक्षित और निर्बाध यातायात अनुभव देना है। आने वाले समय में रायपुर की पहचान अपनी बेहतरीन सड़कों से होगी।”
जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया पूरी होते ही रायपुर की जमीन पर मशीनों की गूंज सुनाई देगी, जो एक बेहतर और तेज रायपुर की नींव रखेंगी।





















