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भारतमाला घोटाला पार्ट-3 : जमीन का मालिक कोई और है, शेड का मुआवजा पाने वाला दूसरा

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  • बायसी कॉलोनी में पुराने एलाइनमेंट के हिसाब से बांट चुके हैं राशि

रायगढ़, (केलो प्रवाह)। धमतरी और रायपुर जिले में भारतमाला मुआवजा घोटाला में बवाल मचा हुआ है। उसी तरह रायगढ़ में भी घपला हुआ है। जिन अवैध शेड और गोदाम का मुआवजा नहीं दिया जाना था, वही पहले बांट दिया गया। बाद में रोक न लग जाए इस डर से अफसरों ने आनन-फानन भुगमान कर दिया। सूची का परीक्षण करने पर पता चला कि जमीन किसी और के नाम पर है लेकिन शेड का मुआवजा किसी दूसरे को दे दिया गया। बायसी कॉलोनी में अवैध शेड, गोदाम, पोल्ट्री फार्म आदि के लिए करीब 20 लोगों को मुआवजा बांटा गया है।भैरव पिता अनिल मधु को खसरा नंबर 147 में पोल्ट्री फार्म, एजबेस्टस शीट, सीसी फर्श, ट्यूबवेल के लिए 34,01,522 रुपए का मुआवजा दिया गया है।

गोदाम मानकर मुआवजा आकलन किया गया जिसका कोई उपयोग नहीं हो रहा था। यह केवल मुआवजा पाने के लिए बनाया गया था। खसरा नंबर 147 की पड़ताल करने पर पता चला कि उक्त भूमि निताई पिता फटीक सरकार के नाम पर है। मुआवजा मिलने के बाद एक हिस्सा 147/1 रकबा 1.6700 हे. निताई के  नाम पर है। जबकि 147/2 रकबा 1.1630 हे. सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के नाम हो गई। तस्वीर पूरी तरह साफ है। राजस्व अभिलेखों में जमीन निताई पिता फटीक के नाम पर है लेकिन मुआवजा भैरव मधु पिता अनिल मधु को दिया गया।

इसी तरह खसरा नंबर 158 रकबा में अरुणा बाला पति अखय कुमार बिस्वास को 12,20,637 रुपए का मुआवजा दिया गया जिसमें एजबेस्टस शीट वाला गोदाम, पक्की दीवार, फर्श कच्चा, बिना प्लास्टर के बना था। 158/2 रकबा 0.9420 हे. सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के नाम पर है जबकि 158/1 रकबा 0.2310 हे. अरुणा पति अखय और निताई पिता अखय बिस्वास के नाम पर है। बायसी कॉलोनी के खसरा नंबर 158 में ही प्रियतोष हालदार पिता रंजीत हालदार को 4588 वर्गफुट जमीन पर बने गोदाम एजबेस्टस शीट, कच्चा फर्श, दीवार पर प्लास्टर नहीं, खिडक़ी, दरवाजा भी नहीं, के लिए 8,62,544 रुपए मुआवजा भुगतान किया गया है। जिसके नाम पर जमीन भी नहीं है, उसको मुआवजा दे दिया गया।

करोड़ों रुपए बर्बाद किए
धरमजयगढ़ में पिछले दिनों अवैध शेड, गोदाम, पोल्ट्री फार्म की पहचान कर तोडऩे की कार्रवाई की गई। पुराने एलाइनमेंट में तो अवैध निर्माण करके मुआवजा ऐंठ लिया गया। एलाइनमेंट बदला तो दोबारा ऐसे गोदाम व शेड बना लिए गए। अभी सारे निर्माणों को नहीं तोड़ा जा सका है। कार्रवाई को रोक दिया गया है। पुराने एलाइनमेंट में मुआवजा बांटना बहुत बड़ा घपला है। दूसरे की जमीन पर बनाए गए गोदाम के लिए भी भुगतान कर दिया गया। पिता के नाम पर जमीन है लेकिन तीन बेटों का अलग-अलग मुआवजा प्रकरण बनाया गया।

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Editorial

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