- 2026 से 2031 के बीच होंगी डेवलप, पानी निकासी, रेन वाटर हार्वेस्टिंग की समस्या
रायगढ़। रायगढ़ शहर से बाहर निकलने वाली करीब दस सडक़ें मंजूर हुई हैं। केनाल लिंक रोड, मरीन ड्राइव, रिंग रोड, सात फोरलेन सडक़ों के इर्द-गिर्द अब शहर का विस्तार हो रहा है। करीब 26 आवासीय प्रोजेक्ट 2025-26 में प्रारंभ हुए हैं जो 2031 तक पूरे होंगे, लेकिन बाजार में मंदी ने इनके डेवलपमेंट को थोड़ा स्लो डाउन किया है। रायगढ़ शहर तेजी से फैल रहा है। पहले जिस रोड पर कोई शाम के बाद गुजरता नहीं था, वहां विशाल आवासीय कॉलोनियां आकार ले रही हैं। पहले दोनों एनएच के आसपास की जमीनों पर प्राइवेट कॉलोनियां शुरू की गई।
अब रायगढ़ शहर में सात फोरलेन सडक़ें, रिंग रोड, केनाल लिंक रोड, मरीन ड्राइव निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा नालंदा परिसर, ऑक्सीजोन, बस टर्मिनल का काम भी चल रहा है। इसलिए आवासीय परियोजनाओं को भी धड़ाधड़ मंजूरी मिल रही है। कृषि भूमि के प्रयोजन तेजी से बदले जा रहे हैं। रेरा वेबसाइट से मिली जानकारी के मुताबिक 2026 से 2031 के बीच करीब 26 निजी आवासीय प्रोजेक्ट तैयार होने वाले हैं। 2600 प्लॉट बिकने को तैयार हैं, जिनमें से कई बिक भी चुके हैं। लेकिन बीते दो सालों में रियल एस्टेट सेक्टर में थोड़ी मंदी आई है। इस वजह से प्लॉटों की बिक्री में धीमापन आया है।
इसकी वजह जमीनों की कीमतों का अचानक से बढ़ जाना है। गाइडलाइन रेट बढऩे के बाद जमीनों की कीमतें बढ़ गई हैं। बिल्डरों ने भी कीमतें बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। महज चार साल पहले रेरा एप्रूव्ड प्रोजेक्ट में 700-800 रुपए में भी प्लॉट उपलब्ध थे। लेकिन अब कॉलोनियों में 2000 रुपए से कम में कोई प्लॉट नहीं है। पांच साल के अंदर कीमत ढाई गुना बढ़ चुकी है। 1000 वर्गफुट के प्लॉट की कीमत करीब 22 लाख हो गई है। इसलिए मध्यमवर्गीय परिवारों ने हाथ खींच लिए हैं।
जूट मिल क्षेत्र का बदलेगा नक्शा
रायगढ़ शहर के अंदर भी मरीन ड्राइव और केनाल लिंक रोड की वजह से तस्वीर बदलने वाली है। आने वाले दिनों में कोतरा रोड और जूट मिल क्षेत्र में कुछ नए प्रोजेक्ट आ रहे हैं। जूट मिल रोड में तो शहर की अब तक की सबसे आलीशान और महंगी पॉश कॉलोनी बन रही है। कई चरणों में यह प्रोजेक्ट पूरा होगा। मरीन ड्राइव के कारण इस प्रोजेक्ट की लोकेशन ज्यादा खूबसूरत हो गई है। यहां 7000 रुपए प्रति वर्गफुट से अधिक कीमत पर प्लॉट बिक गए हैं।












