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टिमरलगा खनिज बैरियर बंद, रोज 300 गाड़ियां बिना टीपी के पार

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रायगढ़। रायगढ़ और सारंगढ़ जिले में खनन माफियाओं की तूती बोल रही है। उनके कहने पर खनिज बैरियर बंद हो रहे हैं और खोले जा रहे हैं। टिमरलगा खनिज बैरियर तो बंद हो चुका है। इधर रायगढ़ जिले में खनिज विभाग ने रेंगालपाली के अलावा कहीं भी बैरियर नहीं बनाया है। इस वजह से टिमरलगा से रोज करीब 300 गाडिय़ां गिट्टी का अवैध परिवहन कर रही हैं। लाइमस्टोन और डोलोमाइट के अवैध खनन से बनी खदानें आज भी करोड़ों की कमाई करा रही हैं। टिमरलगा और गुड़ेली क्षेत्र के क्रशरों से निकल रहे गिट्टी का कोई हिसाब ही नहीं है। खनिज विभाग ने इस क्षेत्र को बिल्कुल खुला छोड़ दिया है। पहले तो टिमरलगा खनिज बैरियर में खनिज विभाग के सुपरवाइजर की पोस्टिंग होती थी।

गाडिय़ों की टीपी देखकर एंट्री की जाती थी। लेकिन अब यहां कोई भी पदस्थ नहीं है। रायगढ़ और सारंगढ़ के बीच एक ही खनिज बैरियर था। वह भी बंद होने से अब खनन माफिया की बल्ले-बल्ले हो गई है। रोजाना करीब 300 गाडिय़ां बिना टीपी और ओवरलोड यहां से निकलती हैं। कोई रोकने वाला या देखने वाला ही नहीं है। कई क्रशर संचालक एक ही टीपी को कई बार इस्तेमाल कर रहे हैं। एक ही दिन में एक से अधिक ट्रिप सप्लाई करने की स्थिति में टीपी को दोबारा उपयोग किया जा रहा है। खनिज से राजस्व हानि तो हा रही है साथ ही ब्लैक मनी भी जेनरेट हो रही है। अवैध खदानों से बोल्डर आसानी से क्रशर में पहुंच रहे हैं। रायगढ़, सक्ती, ओडिशा की ओर बेहद सहजता से बेरोकटोक गिट्टी भेजी जा रही है।

रायगढ़ जिले में भी नहीं बने बैरियर

रायगढ़ जिले में बड़े भंडार, रेंगालपाली, हमीरपुर और भालुमार में बैरियर बनाए जाने हैं। सिर्फ रेंगालपाली और हमीरपुर में बैरियर है, जहां होमगार्ड का जवान बैठता है। लेकिन बाकी दोनों का प्रस्ताव लंबे समय से अटका है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ अलग जिला बनने के बाद तो बैरियर बन जाना था। लेकिन अभी तक रायगढ़ जिले में भी बैरियर स्थापित नहीं किया गया है। बिना टीपी के गिट्टी की गाडिय़ों को रायगढ़ में सीधे एंट्री देने के लिए ऐसा किया गया है। रोजाना जितनी गाडिय़ां रायगढ़ में एंट्री करती हैं, उसका एक अलग हिसाब होता है।

किसको हो रहा फायदा

सरकार का राजस्व बढ़ाने के लिए तरह-तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। जीएसटी सुधार, रेत खदान आवंटन आदि किए जा रहे हैं। लेकिन लाइमस्टोन और डोलोमाइट का अवैध परिवहन नहीं रुक रहा है। रोज निकल रही 300 गाडिय़ों से किसे राजस्व हासिल हो रहा है, इसकी भी जांच होनी चाहिए। प्रति गाड़ी कौन सा क्रशर संचालक उगाही करके बांट रहा है? रायगढ़ में खनिज जांच नाका नहीं खुलने के पीछे क्या कारण हैं?

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Editorial

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