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जांच करने आई थी गाताडीह सोसायटी में टीम, बैंक में हंगामा

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  • घोटाले में अपेक्स बैंक मुख्यालय से पहुंचे थे अधिकारी, समिति को मिली कमीशन की राशि में भी गोलमाल

रायगढ़। सारंगढ़ के हाईप्रोफाइल गाताडीह समिति में हंगामा खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। बताया जा रहा है कि बुधवार को अपेक्स बैंक मुख्यालय रायपुर से अधिकारी जांच के लिए आए थे। लेकिन बैंक में ही हंगामा हो गया। गाताडीह समिति में किसानों के नाम से फर्जी लोन निकालने की पुष्टि हुई है। वहीं ढाई करोड़ की रिकवरी का नोटिस भी दिया जा रहा है।अविभाजित रायगढ़ जिले की सबसे चर्चित समिति रही गाताडीह फिर एक बार सुर्खियों में है। पिछले पांच सरल तक इस समिति में जमकर लूटखसोट मचाई गई। पूर्व प्रबंधक दिलीप टंडन के वीडियो मामले को गर्म कर दिया। अब इस समिति में शुरू से अब तक के सभी घोटालों को सामने लाया जा रहा है।

सबसे पहले फर्जी लोन निकाले जाने की जांच हुई। अपेक्स बैंक ने पांच किसानों के नाम से फर्जी लोन की पुष्टि की जिसमें अध्यक्ष शिवकुमार टंडन, प्रबंधक दिलीप टंडन, राजेश रात्रे और बूंदराम जांगड़े के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। अभी भी करीब 30 किसानों की जांच करनी बाकी है। आंकड़ा एक करोड़ से अधिक हो सकता है। इसके बाद सहकारिता विभाग ने जांच का दायरा बढ़ाया तो पता चला कि ऋण, धान खरीदी, खाद वितरण आदि में भी गड़बड़ी की गई है। करीब ढाई करोड़ की रिकवरी का नोटिस दिया गया है। यह राशि भी गबन कर ली गई जबकि किसान खाद के लिए चक्कर लगाते रहे।

विधानसभा में भी मामला जोर-शोर से उठा तो इसकी जांच के आदेश दिए गए। अपेक्स बैंक मुख्यालय से सहायक महाप्रबंधक अरुण पुरोहित बुधवार को जांच करने पहुंचे। शाम को अपेक्स बैंक शाखा में पहुंचते ही वहां हंगामा हो गया। जांच ठीक से नहीं हो सकी। सारंगढ़ अपेक्स बैंक ब्रांच मैनेजर भी संदेह के दायरे में हैं क्योंकि गाताडीह समिति में गड़बड़ी होती रही और उन्होंने इसकी रिपोर्टिंग भी नहीं की। अब दस्तावेजों की जांच सारंगढ़ के बजाय कहीं और किए जाने की बात कही जा रही है।

▶ समिति के कमीशन में भी खेल

गाताडीह, कोसीर और जशपुर में धान की बोगस खरीदी, खाद को व्यापारियों को बेचने और फर्जी लोन का मामला तो सामने आएगा ही। इसके अलावा समिति के कमीशन राशि में भी बड़ा खेल है। धान उपार्जन के एवज में मार्कफेड प्रति क्विंटल 4-5 रुपए देती है। इसके अलावा प्रोत्साहन राशि व निर्माण के लिए अलग से रकम दी गई। इस राशि में भी हेराफेरी की गई।

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