रायगढ़, (केलो प्रवाह)। अब नगर निगम कर्मचारी गली-गली घूमकर आवारा पशुओं को गिनकर उनका पंजीयन करेंगे। बताया जा रहा है कि सरकार ने भारत पशुधन पोर्टल शुरू किया है जिसमें आवारा कुत्तों की भी एंट्री की जाएगी। आवारा पशुओं की समस्या शहर में बढ़ गई है। न केवल मवेशी बल्कि आवारा कुत्तों की वजह से हादसे भी हो रहे हैं। लोगों को काटने की घटनाएं भी बढ़ी हैं। इस पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। सरकार ने अब भारत पशुधन पोर्टल शुरू किया है। इसके तहत सभी शहरी इलाकों में आवारा पशुओं की गिनती होगी।
गली-गली में जाकर प्रत्येक पशु का अलग से पंजीयन करना होगा। आवारा मवेशियों और कुत्तों की जानकारी पोर्टल में दर्ज करनी होगी। पशु जन्म नियंत्रण केंद्र की मैपिंग की जानी है। आवारा पशुओं और आवारा कुत्तों के स्टरलाइजेशन और वैक्सीनेशन की जानकारी भी देनी होगी। पशु चिकित्सा विभाग को भी साथ में काम करना होगा। 30 सितंबर तक इसकी जानकारी पोर्टल में अपलोड करनी होगी। रायगढ़ शहर में आवारा कुत्तों की संख्या बेहद तेजी से बढ़ी है। नसबंदी कार्यक्रम भी फेल हो चुका है।
हर कॉलोनी में लोग परेशान
आवारा कुत्तों की संख्या बढऩे की वजह से डॉग बाइट के केस भी बढ़ रहे हैं। शहर की पॉश कॉलोनियों में भी कुत्तों का आतंक है। नगर निगम की डॉग कैचर टीम बीच-बीच में निकलती है लेकिन ज्यादा कुत्ते हाथ नहीं आते। अब सभी कुत्तों का पंजीयन करने का आदेश दिया गया है।






















