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नेतनागर में बेची सीलिंग की जमीन, हैरतअंगेज करतब दिखा रहे पटवारी

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  • ऑटो नामांतरण की मदद से तत्काल क्रेता के नाम पर चढ़ी जमीन, सीलिंग से की गई थी जब्त

रायगढ़, (केलो प्रवाह)। शासकीय पट्टे की जमीन को खरीदी-बिक्री करना अब बहुत आसान हो चुका है। पूरा राजस्व विभाग इस काम में मदद करता है। नामांतरण में तो कोई समस्या ही नहीं है, बिना किसी रुकावट के ऑटो मोड पर काम हो रहा है। पुसौर तहसील के नेतनागर में सीलिंग से प्राप्त भूमि की रजिस्ट्री होने का खुलासा हुआ है। नामांतरण के पूर्व कोई परीक्षण नहीं होने से उप पंजीयकों की बल्ले-बल्ले हो गई है। धरमजयगढ़ में सरकारी जमीनों और आवंटन भूमि की रजिस्ट्री के सैकड़ों मामले हैं। राजस्व विभाग और उप पंजीयक कार्यालयों में गजब का खेल चल रहा है। सरकार ने लोगों की सहूलियत के लिए रजिस्ट्री और नामांतरण प्रक्रिया को सरल व तेज कर दिया।

जमीन रजिस्ट्री के पूर्व उप पंजीयक को कोई परीक्षण का अधिकार ही नहीं है, न तो तहसीलदार को पता चलता है। बिक्री नकल और चौहद्दी मिलने के बाद उप पंजीयक को बस ठप्पा लगाना होता है। भुइयां में पटवारी ने जमीन का मद या स्वरूप बदल दिया है तो वही उप पंजीयक को दिखेगा। नामांतरण का अधिकार भी उप पंजीयक को मिल गया है। मतलब जिस अधिकारी को राजस्व अभिलेखों तक एक्सेस नहीं है, वहीं सब कुछ कर रहा है। अब पुसौर में जो कारनामा सामने आया है, उससे सरकार को भी परीक्षण के बारे में सोचना पड़ेगा। नेतनागर में शासन से सीलिंग एक्ट के तहत जमीन खनं 17 रकबा 2.302 हे. को शासन के खाते में समाहित किया था। मतलब यह भूमि शासकीय हो चुकी थी।

संभव है कि कालांतर में भूमिहीनों को इसका आवंटन खेती कार्य के लिए किया गया हो। मजे की बात यह है कि अब इस जमीन के पांच टुकड़े हो चुके हैं। उसमें भी तीन टुकड़ों की रजिस्ट्री सीमा अग्रवाल पति पंकज अग्रवाल के नाम पर हो गई। अगस्त 2026 में खनं 17/3 रकबा 0. 5100 हे., खनं 17/4 रकबा 0.5110 हे. और खनं 17/5 रकबा 0.6710 हे. की रजिस्ट्री कराई गई। नामांतरण भी उतनी ही तेजी से हुआ। पटवारी ने शासकीय आवंटन भूमि की जानकारी होने के बावजूद बिक्री नकल और चौहद्दी दी।

मूल खसरे का रकबा भी बढ़ा

सीलिंग एक्ट से प्राप्त भूमि खनं 17 का कुल रकबा 2.302 हे. था। अब खसरा नंबर 17 के पांच टुकड़े हो चुके हैं जिनका कुल रकबा 2.872 हे. हो गया है। मतलब 0.570 हे. रकबा बढ़ गया। यह जादू पुसौर में हुआ है। पटवारी ने किस आधार पर बिक्री नकल दिया, जांच का विषय है। पुराने राजस्व अभिलेखों में दर्ज है कि खसरा नंबर 17 सीलिंग एकट से प्राप्त भूमि है।

अपलोड नहीं करते आदेश

रजिस्ट्री के बाद संबंधित भूमि की जानकारी ऑनलाइन दर्ज की जानी है। खनं 17/5 रकबा 0.6710 हे. की रजिस्ट्री 27 अगस्त को हुई है। एतवार सिंह को बंटवारे में यह भूमि मिली थी, लेकिन नामांतरण के संबंध में दस्तावेज खोजे गए तो उसकी जगह खाता विभाजन के लिए पंचायत का प्रस्ताव अपलोड किया गया था। जबकि कोई भी दस्तावेज सीमा अग्रवाल पति पंकज अग्रवाल से संबंधित नहीं था।

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