रायपुर: राजधानी रायपुर में आगामी गणेश चतुर्थी और जैन समाज के पर्युषण पर्व सहित पांच प्रमुख त्योहारों के मद्देनजर नगर निगम ने मांस-मटन की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने का आदेश जारी किया है। महापौर मीनल चौबे के सीधे निर्देश पर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने यह फरमान जारी किया है, जिसके तहत निर्धारित तिथियों पर शहर के सभी पशुवध गृह और मांस-मटन की दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी। आदेश में साफ किया गया है कि होटल और अन्य स्थानों पर भी मांस-मटन बेचने या परोसने की अनुमति नहीं होगी। उल्लंघन करने वालों पर तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।
इन 5 दिनों में लागू रहेगा प्रतिबंध
नगर निगम के आदेशानुसार, विभिन्न पर्वों के चलते शहर में इन पांच दिनों के लिए मांस-मटन की बिक्री और खरीद-फरोख्त पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा:
- 14 सितंबर: श्री गणेश चतुर्थी
- 15 सितंबर: पर्युषण पर्व का अंतिम दिवस
- 22 सितंबर: डोल ग्यारस
- 25 सितंबर: अनंत चतुर्दशी
- 26 सितंबर: पर्युषण पर्व में संवत्सरी एवं उत्तम क्षमा
इन सभी तिथियों पर नगर निगम के पूरे क्षेत्र में स्थित पशुवध गृह और मांस-मटन की दुकानें अनिवार्य रूप से बंद रखी जाएंगी।
होटल-रेस्टोरेंट पर भी पैनी नजर, उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई
यह प्रतिबंध केवल मांस की दुकानों तक सीमित नहीं है। नगर निगम की टीमें होटल और अन्य ऐसे प्रतिष्ठानों पर भी लगातार नजर रखेंगी, जहां मांस-मटन की बिक्री या परोसे जाने की संभावना है। महापौर के निर्देश के बाद सभी जोन स्वास्थ्य अधिकारियों और स्वच्छता निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में सघन निगरानी रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। निगम ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध के बावजूद यदि कोई होटल, दुकान या अन्य प्रतिष्ठान मांस-मटन बेचते हुए पाया जाता है, तो मौके पर ही मांस-मटन जब्त कर लिया जाएगा और संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पवित्र त्योहारों के दौरान शहर में नियमों का पूरी तरह पालन हो।






















