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रायपुर में ‘साइबर संकल्प’ का शुभारंभ

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  • उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा बोले- साइबर ठगी होते ही 1930 पर करें कॉल, गांव-गांव तक पहुंचाएं जागरूकता
  • पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में 500 से अधिक विद्यार्थियों से किया संवाद
  • 9 मॉड्यूल वाले ‘साइबर संकल्प’ वीडियो पाठ्यक्रम का हुआ शुभारंभ
  • डिजिटल अरेस्ट ठगी के पीड़ित ने साझा किया अनुभव, गोल्डन ऑवर में वापस मिले 60 लाख रुपये
  • युवाओं से साइबर जागरूकता के दूत बनने और समाज को सतर्क करने की अपी

रायपुर, 12 सितंबर। छत्तीसगढ़ में बढ़ते साइबर अपराधों के खिलाफ जन-जागरूकता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने ‘साइबर संकल्प’ का शुभारंभ किया। छत्तीसगढ़ पुलिस के ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत शुरू किए गए इस कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों को साइबर अपराधों के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी देना है। कार्यक्रम में रायपुर सहित विभिन्न महाविद्यालयों के 500 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।

साइबर संकल्प के जरिए मिलेगी डिजिटल सुरक्षा की जानकारी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि डिजिटल तकनीक आज आम लोगों के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। बैंकिंग, शिक्षा, व्यापार और सरकारी सेवाओं से लेकर रोजमर्रा के कई कार्य ऑनलाइन माध्यम से हो रहे हैं। ऐसे समय में डिजिटल सुरक्षा को लेकर जागरूक रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि ‘साइबर संकल्प’ के अंतर्गत 9 वीडियो मॉड्यूल तैयार किए गए हैं, जिनमें साइबर ठगी के नए तरीकों, ऑनलाइन सुरक्षा और डिजिटल सतर्कता से जुड़ी जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराई जाएगी।

डिजिटल क्रांति के साथ सुरक्षा पर भी देना होगा ध्यान

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत डिजिटल लेनदेन के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में तकनीक का उपयोग करने वाले हर व्यक्ति को सतर्क रहना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे स्वयं जागरूक बनने के साथ अपने परिवार और समाज के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।

साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें संपर्क

विजय शर्मा ने कहा कि साइबर अपराध की स्थिति में शुरुआती समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी होती है तो उसे बिना देरी किए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए। समय पर सूचना मिलने से पुलिस को राशि को ट्रैक करने और उसे वापस दिलाने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि जागरूकता और त्वरित कार्रवाई ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

डिजिटल अरेस्ट ठगी के पीड़ित ने सुनाई आपबीती

कार्यक्रम में साइबर ठगी का शिकार हुए एक पीड़ित ने भी अपना अनुभव साझा किया। एक करोड़ रुपए से अधिक की ‘डिजिटल अरेस्ट’ ठगी के मामले में पीड़ित डॉ. सेन ने बताया कि साइबर अपराधियों ने उन्हें झांसे में लेकर बड़ी रकम की ठगी की कोशिश की थी। हालांकि समय रहते पुलिस को सूचना देने के कारण गोल्डन ऑवर के दौरान कार्रवाई हुई और लगभग 60 लाख रुपए की राशि वापस मिल सकी। इस अनुभव ने विद्यार्थियों को यह समझाया कि साइबर ठगी के मामलों में तत्काल शिकायत दर्ज कराना कितना महत्वपूर्ण है।

युवाओं से साइबर जागरूकता के दूत बनने की अपील

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि युवा वर्ग तकनीक का सबसे अधिक उपयोग करता है और वही समाज में डिजिटल सुरक्षा का संदेश सबसे प्रभावी ढंग से पहुंचा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से सोशल मीडिया, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड, बैंकिंग धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने की अपील की। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा की जानकारी गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचनी चाहिए।

साइबर क्राइम वालंटियर बनने का आह्वान

कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्रालय और इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (आई4सी) की ‘साइबर क्राइम वालंटियर’ पहल की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से इस अभियान में जुड़कर समाज में साइबर जागरूकता बढ़ाने और साइबर अपराधों की रोकथाम में सहयोग देने का आह्वान किया।

15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चल रहा साइबर जागृति अभियान

कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमित कुमार ने साइबर अपराधों के बदलते स्वरूप पर प्रकाश डाला, जबकि अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त गौरव मंडल ने विभिन्न प्रकार की साइबर ठगी और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी। कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला ने कहा कि तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए विद्यार्थियों और आम नागरिकों का जागरूक होना आवश्यक है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक ‘साइबर जागृति अभियान’ चलाया जा रहा है, जिसके माध्यम से लोगों को साइबर अपराधों से बचाव और त्वरित शिकायत प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है।

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विकास पाण्डेय

न्यूज एडिटर

विकास पाण्डेय ने RIG24 Media Network से Journalism की शुरुआत की। Finance (NBFC) क्षेत्र में 15 वर्षों के अनुभव के बाद उन्होंने BJMC की Professional Degree प्राप्त की। अक्टूबर 2021 से वे ‘केलो प्रवाह’ की Digital Journalism से जुड़े हैं और Web News Portal के संचालन एवं संपादन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे क्षेत्रीय घटनाक्रम, Exclusive Reports, Politics, Finance, Infrastructure, Employment, Development, Crime और जनहित के मुद्दों पर निरंतर लेखन करते हैं।

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