रायगढ़। रायगढ़ जिले में पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मामले में कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों ने पहले पीड़ित को लात-घूंसों से पीटा, फिर मुर्गा काटने वाले लोहे के चापड़ से उसकी गर्दन पर वार कर मौत के घाट उतार दिया। यह सनसनीखेज मामला रायगढ़ जिले के चक्रधरनगर थाना क्षेत्र का है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश सर्व विजय अग्रवाल की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी नंदकिशोर भुईंहर (20) और धन्नू घसिया
(24) को आजीवन कारावास और 1-1 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 5 अप्रैल 2022 को अजय लहरे ने चक्रधरनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वह रेलवे फाटक के पास मुर्गा काटने का काम करता था। घटना वाले दिन दोपहर करीब 10:30 बजे कृष्णा जाल उसकी दुकान पर आया था। इसके कुछ देर बाद, करीब 11 बजे, आरोपी नंदकिशोर भुईंहर और धन्नू घसिया एक्टिवा पर सवार होकर वहां पहुंचे।
रंजिश के चलते हुआ जानलेवा हमला
दोनों आरोपियों ने दुकान पर मौजूद कृष्णा जाल से पुरानी रंजिश को लेकर गाली-गलौज शुरू कर दी। बात बढ़ी तो दोनों ने मिलकर कृष्णा पर लात-घूंसों से हमला बोल दिया और उसकी जमकर पिटाई की। इसी बीच, आरोपी नंदकिशोर भुईंहर ने दुकान में रखे मुर्गा काटने वाले धारदार लोहे के चापड़ को उठा लिया। आरोप है कि उसने कृष्णा जाल की बाईं ओर गर्दन पर जानलेवा वार किया। इस गंभीर चोट के कारण कृष्णा की मौके पर ही मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
पुलिसिया कार्रवाई और कोर्ट का फैसला
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपियों, नंदकिशोर भुईंहर और धन्नू घसिया को गिरफ्तार कर लिया और न्यायालय में चालान पेश किया। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश सर्व विजय अग्रवाल ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपियों को हत्या का दोषी पाया और उन्हें आजीवन कारावास के साथ अर्थदंड की सजा सुनाई। इस मामले में अपर लोक अभियोजक मोहन सिंह ठाकुर ने अभियोजन की ओर से पैरवी की।






















