रायगढ़। सोमवार को साप्ताहिक समीक्षा बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के कार्यपालन अभियंता की कार्यशैली को लेकर कलेक्टर बिफर गए। उन्होंने कड़ी फटकार लगाते हुए काम में जल्द सुधार करने की हिदायत दी। कलेक्टर की नाराजगी देखकर सभाकक्ष में सन्नाटा पसर गया था। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी प्रत्येक टीएल बैठक में सारे विभागों की लक्ष्यवार विस्तृत समीक्षा करते हैं। विभागों को आवंटित कार्य और उनकी अद्यतन स्थिति के बारे में सही रिपोर्ट प्रस्तुत की जाती है। सोमवार को भी टीएल बैठक हुई, लेकिन इस बार ऐसा कुछ हुआ जिसने सभी अफसरों को सतर्क कर दिया है। बैठक में जल जीवन मिशन को लेकर जवाब-तलब हुआ तो कलेक्टर ने पीएचई ईई केएस कंवर के बारे में पूछा। बैठक में एसडीओ पहुंचे थे। पता चला कि बिलासपुर और रायपुर में कुछ जरूरी कार्य की वजह से ईई बैठक में नहीं पहुंचे थे।
कलेक्टर ने फोन करके ईई से बैठक में नहीं आने का कारण पूछा। ईई तब तक रायगढ़ में ही थे। बताया जा रहा है कि ईई ने बैठक में नहीं आ पाने की अनुमति भी नहीं मांगी थी। कलेक्टर ने ईई को तुरंत बैठक में पहुंचने का आदेश दिया। करीब 15 मिनट बाद जब ईई केएस कंवर पहुंचे तो कलेक्टर ने उन्हें जमकर डांटा। जल जीवन मिशन में अपेक्षित प्रगति नहीं होने और लापरवाह रवैये को जल्द सुधारने की हिदायत दी। कलेक्टर का उग्र रूप देखकर एकबारगी सारे अफसर सहम गए। सूत्रों के मुताबिक काफी देर तक डांट-फटकार के बाद कलेक्टर ने ईई को वहां से जाने को कह दिया।
कार्य को लेकर बेहद गंभीर कलेक्टर
सूत्रों के मुताबिक सभी विभागों की समीक्षा में कलेक्टर प्वाइंट टू प्वाइंट बात करते हैं। एक सप्ताह में किए गए कार्यों की जानकारी मांगते हैं। जो विभाग ढिलाई करता है, उसे कड़े शब्दों में हिदायत मिलती है। इस वजह से कई विभागों में सुधार आ चुका है। हाजिरी सिस्टम में भी सुधार लाया जा रहा है ताकि सभी कर्मचारी समय पर दफ्तर पहुंचें।























