रायगढ़: 1 नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ, जो कि भारत का 26वां राज्य है। इसके गठन में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का अहम योगदान रहा। प्रारंभ में छत्तीसगढ़ में 16 जिले थे, जबकि 2024 तक इसकी संख्या बढ़कर 33 हो गई है। राज्य में कुल 5 संभाग हैं: बस्तर, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर और सरगुजा। राज्य की भौगोलिक संरचना में बस्तर संभाग का क्षेत्रफल सबसे बड़ा है। बिलासपुर संभाग राजनीतिक दृष्टिकोण से प्रमुख माना जाता है, जबकि रायपुर और दुर्ग संभाग शहरी क्षेत्रों में आते हैं। सरगुजा संभाग में शहरी और वनांचल क्षेत्र दोनों शामिल हैं। बस्तर संभाग आदिवासी जनसंख्या से भरपूर है और छत्तीसगढ़ के अन्य राज्यों से सटे होने के कारण विभिन्न राज्यों के लोग यहां बस चुके हैं। आईए संक्षिप्त में जानते हैं छत्तीसगढ़ के संभागों और उनके जिले के बारे में:-
संभाग और जिलों की संरचना:
1. बस्तर संभाग
- बीजापुर: बस्तर संभाग का हिस्सा, पहले दंतेवाड़ा जिले का हिस्सा था। यह जिला दक्षिण छत्तीसगढ़ में स्थित है जो जंगलों से समृद्ध है। हालांकि इस जिले का अधिकांश हिस्सा नक्सल प्रभावित है। यही कारण है कि ये जिला विकास से अछूता है।
- सुकमा: 2012 में दंतेवाड़ा से अलग हुआ, वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित है।
- दंतेवाड़ा: दक्षिण बस्तर का हिस्सा, घने जंगलों और सुंदर घाटियों और नदियों से घिरा है। यहां मां दंतेश्वरी का ऐतिहासिक मंदिर और ढोलकल गणेश जी की पूजा होती है।
- बस्तर: छत्तीसगढ़ के दक्षिण दिशा में स्थित, इसका मुख्यालय जगदलपुर है। यह प्राकृतिक सौंदर्य और आदिवासी संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है।
- कोंडागांव: 1965 में राजस्व अनुविभाग बना, आदिवासी जनसंख्या वाला और नक्सल प्रभावित जिला।
- नारायणपुर: 2007 में बस्तर से अलग हुआ, नक्सल प्रभावित और आर्थिक विकास से कटा हुआ।
- कांकेर: 1998 में अलग जिला बना, यहाँ पांच प्रमुख नदियाँ बहती हैं और नक्सलियों का दबदबा है।
2. दुर्ग संभाग
- कवर्धा: कबीरधाम के नाम से भी जाना जाता है, यह सकरी नदी के दक्षिणी किनारे पर स्थित है। कबीर साहिब के आगमन से इसका नाम कबीरधाम पड़ा।
- राजनांदगांव: 26 जनवरी 1973 को दुर्ग जिले से अलग हुआ। यह रियासत काल में एक राज्य के रूप में विकसित था।
- बालोद: बालोद शहर तान्दुला नदी के तट पर बसा है। शहर की धमतरी और दुर्ग से दूरी 44 और 58 किलोमीटर है। जिला मुख्यालय बालोद तान्दुला डैम के पास है।
- दुर्ग: दुर्ग जिला छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास का अग्रदूत है। यहां भिलाई इस्पात संयंत्र की स्थापना के साथ न सिर्फ जिले बल्कि संपूर्ण प्रदेश का चौतरफा औद्योगिक विकास हुआ है। ये जिला प्रदेश का औद्योगिक जिला है।
- बेमेतरा: दुर्ग संभाग का एक महत्वपूर्ण जिला है जो जनवरी 2012 दुर्ग जिले से विभाजित होकर बना है।
- खैरागढ़ छुईखदान गंडई: एक नया जिला जो दुर्ग संभाग में आता है। इस जिले में तीन शहर खैरागढ़, छुईखदान और गंडई शामिल हैं। इसे 2022 में राजनांदगांव से अलग करके बनाया गया था। यह राज्य का 31वां जिला है।
- मोहला मानपुर अम्बागढ़ चौकी: प्राचीन समय में मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी क्षेत्र चांदो यानी कि चंद्रपुर राज्य के अंडर में था। यहां गोंड राजाओं का शासन था। यह तीन रियासतों यानी कि कोराचा, पानाबरस और आमागढ़ में विभाजित था। इनमें पानाबरस रियासत सबसे बड़ी थी। आजादी के समय यह मध्य प्रांत का हिस्सा था। अब ये छत्तीसगढ़ का नवगठित जिला बन चुका है।
3. रायपुर संभाग:
- धमतरी: धमतरी जिले को आधिकारिक तौर पर 6 जुलाई 1998 को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर जिले से महासमुंद के साथ विभाजित किया गया था। रायपुर जिले की सीमाएं तीन जिलों में बदल गयी हैं, रायपुर, महासमुंद और धमतरी. धमतरी, कुरूद, मगरलोड और नगरी को धमतरी जिले में तहसील और धमतरी, कुरुद, नगरी और मगरलोड ब्लॉकों के रूप में शामिल किया गया है।
- गरियाबंद: गरियाबंद जिला 1 जनवरी 2012 को अस्तित्व में आया था। यह जिला प्राकृतिक संसाधनों से भरा पड़ा है। इस जिले के उत्तर में पैरी और सोढ़ूर नदी है, जो कि राजिम में मिलकर त्रिवेणी संगम बनाती है. ये जिला ओडिसा राज्य से सटा हुआ है। जिले का प्रमुख तीर्थ स्थल राजिम है, जिसे छत्तीसगढ़ का प्रयागराज भी कहा जाता है। यहां हर साल माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक कुंभ मेले का आयोजन किया जाता है।
- रायपुर: रायपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी है। साल 1998 में जिला रायपुर 3 भागों में बंट गया। इस जिले से अलग होकर महासमुंद और धमतरी का निर्माण किया गया।
- बलौदाबाजार-भाटापारा: बलौदाबाजार राजधानी की सीमा, बेमेतरा, मुंगेली, बिलासपुर, जांजगीर, सारंगढ़–बिलाईगढ़, महासमुंद और रायपुर जिले को छूती है।
- महासमुंद: महासमुंद जिला का इतिहास बेहद खास है। अपनी सांस्कृतिक इतिहास के लिए ये जिला प्रसिद्ध है। यह क्षेत्र ‘सोमवंशीय सम्राट’ की ओर से शासित ‘दक्षिण कोशल’ की राजधानी थी। यह सीखने का केंद्र भी है। यहां कई मंदिरें है, जो अपने प्राकृतिक और सौंदर्य के कारण हमेशा आकर्षण का केन्द्र बनी रहती है।
4. बिलासपुर संभाग
- बिलासपुर: बिलासपुर का नाम “बिलासा” नामक महिला के नाम पर रखा गया है। कई प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद बिलासपुर ने बहुत कुछ विकसित किया है। बिलासपुर को छत्तीसगढ़ की न्यायधानी के नाम से भी जाना जाता है। यहां बिलासपुर उच्च न्यायालय एशिया महाद्वीप का सबसे बड़ा उच्च न्यायालय है। बिलासपुर जिले का प्रशासनिक मुख्यालय भी है।
- मुंगेली: छत्तीसगढ़ के 142 साल पुराने राज्य की सबसे बड़ी तहसीलों में से एक मुंगेली को तत्कालीन रमन सिंह के शासनकाल में अलग जिला बनाया गया। मुंगेली को 1860 में तहसील का दर्जा मिला। इस तरह 142 साल बाद यह मुंगेली तहसील से जिला बन गया. नए जिले में तीन तहसील मुंगेली, पथरिया और लोरमी शामिल हैं।
- कोरबा: कोरबा जिला 25 मई1998 में अस्तित्व में आया। जिले का मुख्यालय कोरबा शहर में है, जो कि हसदेव और अहिरन नदी के संगम के किनारे स्थित है। कोरबा छत्तीसगढ़ की ऊर्जाधानी कही जाती है. कोरबा जिला बिलासपुर संभाग के अंतर्गत पड़ता है।
- जांजगीर चाम्पा: जांजगीर चांपा जिले का गठन 25 मई 1998 को किया गया था। जांजगीर चांपा छत्तीसगढ के मध्य स्थित होने के कारण इसे छत्तीसगढ राज्य के हृदय भी माना जाता है। जांजगीर-चांपा के मुख्यालय जांजगीर कलचुरी वंश के महाराजा जाज्वल्य देव की नगरी है।
- रायगढ़: रायगढ़ उत्तर में जशपुर, दक्षिण में महासमुन्द और उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पूर्व तक ओडिशा राज्य की सरहद से सटा है। रायगढ़ जिले का उत्तरी क्षेत्र बीहड़, जंगल, पहाड़ियों से भरा पड़ा है। इस जिले का दक्षिण हिस्सा मैदानी है। जिले की बहुसंख्यक आबादी गांवों में रहती है।
- गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: गौरेला पेण्ड्रा मरवाही जिला 10 फरवरी 2020 को छत्तीसगढ़ के 28वें जिले के रूप में अस्तित्व में आया. ये जिला बिलासपुर से अलग होकर बना था।
- सक्ति: सक्ती जिले के गठन की घोषणा 15 अगस्त 2021 को तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की थी। ये जिला छत्तीसगढ़ का 33वां जिला है. सक्ती जिले का उद्घाटन 9 सितम्बर 2022 को किया गया गया था। यह जिला चार ब्लॉक सक्ती, मालखरौदा, जैजैपुर और डभरा को मिलाकर बनाया गया है।
- सारंगढ़ बिलाईगढ़: सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला छत्तीसगढ़ राज्य का नवगठित जिला है। इस जिले की घोषणा तत्कालीन सीएम भूपेश बघेल ने 15 अगस्तर 2021 को की थी। ये रायगढ़ और बलौदा बाजार से अलग होकर जिला बना था।
5. सरगुजा संभाग
- जशपुर: जशपुर जिला झारखंड और ओडिशा की सीमा से सटा है। ब्रिटिश काल में यह पूर्वी राज्य एजेंसी के रियासतों में से एक थी। इसे ईस्ट प्रोविंस की राजधानी के तौर पर भी जाना जाता है। आजादी से पहले जशपुर एक रियासत थी।
- कोरिया: कोरिया जिला 25 मई 1998 को अस्तित्व में आया. इस जिले को सरगुजा से अलग करके बनाया गया था। 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ के नए राज्य के गठन के बाद कोरिया जिला नए छत्तीसगढ़ राज्य का हिस्सा बन गया।
- सूरजपुर: सूरजपुर जिले का गठन 1 जनवरी 2012 को हुआ था। प्रशासनिक सुविधा के लिए सरगुजा जिले का विभाजन कर सूरजपुर जिला गठित किया गया.ल। सूरजपुर को पहले “दंदबुल्ला” के नाम से जाना जाता था। हालांकि बाद में “सूर्यपुर” कहा जाने लगा। अब ये जिला सूरजपुर कहलाता है।
- सरगुजा: सरगुजा क्षेत्र का इतिहास काफी प्राचीन है। ईसा पूर्व चौथी शताब्दी में यह रियासत मगध के नंद वंश के अधीन था। इसके बाद मौर्यों के अधीन हुआ। आगे चलकर ये क्षेत्र कलचुरियों के अधीन हो गया। हालांकि यहां द्रविड वंशीय छोटे-छोटे राजाओं का भी शासन रहा, जो आपस में लडते रहते थे।
- बलरामपुर: बलरामपुर रामानुजगंज जिला छत्तीसगढ़ राज्य के उत्तरी हिस्से में पड़ता है। यह पहले सरगुजा जिले में पड़ता था। 17 जनवरी 2012 को ये जिला अस्तित्व में आया. यह जिला उत्तर प्रदेश, झारखंड और मध्य प्रदेश राज्यों के साथ अपनी सीमाएं साझा करता है।
- मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर: कोरिया जिले को विभाजित करके नया जिला एमसीबी यानी कि मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर बनाया गया। यह 9 सितंबर 2022 को छत्तीसगढ़ राज्य के 32वें जिले के रूप में अस्तित्व में आया था. इसकी सीमाएं उत्तर में मध्य प्रदेश के सीधी जिले की कुसमी तहसील, दक्षिण में मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले को टच करती है।
वर्तमान स्थिति
2024 तक, छत्तीसगढ़ में कुल 33 जिले हैं। प्रत्येक संभाग और जिला की संरचना राज्य की भौगोलिक विविधता, सांस्कृतिक विशेषताएँ और प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए की गई है। छत्तीसगढ़ की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता इसे विशेष बनाती है। प्रत्येक संभाग और जिला अपनी अलग विशेषताओं और चुनौतियों के साथ राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। छत्तीसगढ़ का प्रशासनिक ढांचा और जिला संरचना स्थानीय जरूरतों और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।























