- बरमकेला के मौहापाली में सात एकड़ की अवैध खदान, दूसरी खदानों पर भी नजर
रायगढ़। डोलोमाइट क्रशरों का कारोबार केवल अवैध खदानों के जरिए ही चल रहा है। मौहापाली में सात एकड़ अवैध खदान पर कार्रवाई होने के बाद सिंडीकेट सदमे में है। खनिज विभाग ने आठ पोकलेन मशीनों के मालिकों को नोटिस दिया है, लेकिन इस बार मामूली पेनाल्टी नहीं लगेगी। बताया जा रहा है कि खदान से निकाले गए कुल खनिज मात्रा की गणना करते हुए जुर्माना लगेगा। पेनाल्टी चुकाने में ही मशीनें बिक जाएंगी। डोलोमाइट और लाइमस्टोन की अवैध खदानों पर सख्त कार्रवाई नहीं होने की वजह से हर गांव में एक खदान खुल गई। लोकल लोगों का सिंडीकेट इन खदानों को ऑपरेट करता है। कहां से किस रेट पर खदान से डोलोमाइट बोल्डर सप्लाई होगा, सब यही सिंडीकेट ही तय करता है।
मौहापाली में भी दाता, डालमिया, भरत, शांतिलाल, संजय, धनी जैसे लोग ही खनन करवा रहे थे। सारंगढ़ कलेक्टर के आदेश पर बरमकेला के मौहापाली में डोलोमाइट के सात एकड़ में फैले अवैध खदान पर छापा मारा गया। मौके से 8 पोकलेन मशीनें, 1 जेसीबी और 19 ट्रैक्टर जब्त किए गए हैं। इस मामले में आठ पोकलेन मशीनों और जेसीबी के मालिकों को नोटिस भेजा गया है। मिली जानकारी के मुताबिक यह खनिज के अवैध परिवहन का केस नहीं है, बल्कि अवैध खनन का मामला है। कोई पट्टेदार अपनी खदान में खनन न करके इस अवैध खदान से पत्थर ले रहा था। उस पर रॉयल्टी जारी करवा रहा था। इस मामले में अलग नियमों में कार्रवाई करनी होगी। अवैध खनन करते हुए मशीनें जब्त की गई हैं। इसलिए सामान्य पेनाल्टी देकर नहीं छूट सकती।
ट्रिगर और ड्रोन सर्वे में होगा खुलासा
अब समय आ गया है कि सरकार लाइमस्टोन व डोलोमाइट के स्वीकृत खनिपट्टों और अवैध खनन स्थलों की ट्रिगर जांच व ड्रोन सर्वे कराए। हर खदान के इर्द-गिर्द अवैध खदानें हैं। किसी की सीमा तय नहीं है। सिंडीकेट ने भी कार्रवाई को दबाने और आगे कोई कार्रवाई होने से रोकने के लिए डील कर ली है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 52 चूना पत्थर और 12 डोलोमाइट के खनिपट्टे हैं। हकीकत यह है कि खदानें इससे अधिक हैं।





















