रायगढ़। सेन्ट्रल स्कूल में बुधवार को उस वक्त हडक़ंप मच गया, जब पहली कक्षा में अध्ययनरत कोतरा रोड निवासी रेल्वे कर्मचारी का बच्चा स्कूल से निकलने के बाद अपनी वैन में नहीं पहुंचा। वैन के ड्राईवर ने परिजनों को इसकी सूचना दी तो उनके पैरों तले जमीन सरक गई। काफी देर तक खोजबीन की गई इसी बीच दुसरी वैन में चालक को छात्र बैठा मिला जिस पर उक्त गाड़ी के ड्राईवर ने सकुशल बच्चे को उसके घर पहुंचाया, तब कहीं जाकर परिजनों की जान में जान आई और उन्होंने राहत की सांस ली। हुआ यूं कि कोतरा रोड निवासी रेल्वे कर्मचारी का बेटा दिव्यांश राज जो कि सेन्ट्रल स्कूल में कक्षा पहली का छात्र है।
दिव्यांश अपनी बहन के साथ वैन से स्कूल जाता है। वहीं बुधवार की दोपहर को 2 बजे जब स्कूल की छुट्टी हुई, तब दिव्यांश की बहन तो वैन में आ गई थी, लेकिन दिव्यांश नहीं आया। लगभग स्कूल खाली होने पर वैन के ड्राईवर ने बच्चे के परिजनों ने जानकारी लेने के लिए जब फोन लगाया तो उन्होंने बच्चे को स्कूल से नहीं लाना बताया। ऐसे में बच्चे के कहीं निकल जाने की आशंका से जहां स्कूल में हडक़ंप मच गई, वहीं दिव्यांश के परिजन भी अपने बच्चे के गायब हो जाने से चिंतित हो गये और तत्काल स्कूल पहुंचे।
काफी देर तक खोजबीन करने के बाद भी दिव्यांश का कुछ पता नहीं चला। वहीं इस बात की जानकारी मिलने पर स्कूल वैन संचालक संघ के अध्यक्ष धर्मेंद्र पुरूषवानी ने स्कूल वैन के व्हाट्स एप ग्रुप में बच्चे के गुम हो जाने की सूचना डाली। दरअसल दिव्यांश अन्य वैन में जाकर बैठ गया था। इधर व्हाट्सएप ग्रुप में जब उसने मैसेज देखा तो तत्काल कोतरा रोड पहुंच कर दिव्यांश को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। बच्चे के सकुशल वापस आने पर परिजनों ने राहत की सांस ली।





















