रायगढ़: किरोड़ीमल ट्रस्ट की संपत्तियों की जांच शुरू हो गई है। गुरुवार को जांच टीम कोकड़ीतराई पहुंची और चिह्नित जमीन का मुआयना किया। मौके पर कई मकान और दुकान मिले। पटवारी को प्रतिवेदन देने का आदेश दिया गया है। पिछले दिनों कोकड़ीतराई के ग्रामीणों ने राज्य शासन से शिकायत की थी। इस पर कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए हैं।
- मौके पर मिला अवैध निर्माण, ट्रस्ट की संपत्ति बेचने वाले की होगी पहचान
सेठ किरोड़ीमल चेरिटेबल ट्रस्ट की संपत्तियों को हड़पने की मंशा रखकर बैठे लोगों को इस बार चेतावनी दी जा रही है। कलेक्टर ने जांच टीम बनाकर मामले को निर्णायक मोड़ तक पहुंचाने की मंशा जाहिर कर दी है। संपत्तियों को बेचकर अपना बैंक बैलेंस बनाने वाले इस बार मुश्किल में फंस गए हैं। कोकड़ीतराई के निरंजन साहू व अन्य ने छग शासन से शिकायत की थी। उनका कहना है कि ग्रामीणों ने पूर्व में अस्पताल, स्कूल, कॉलेज आदि निर्माण के लिए जमीन सेठ किरोड़ीमल धर्मादा ट्रस्ट को दान में दी थी, लेकिन ट्रस्टियों ने सार्वजनिक हितों के लिए काम करने के बजाय जमीन को अवैध कमाई का जरिया बना लिया। ट्रस्टियों ने जमीन को निजी लाभ के लिए बेच दिया है। बिना किसी रजिस्ट्री के बाहरी लोगों को जमीन दी जा रही है और बदले में मुंहमांगी रकम ली जा रही है। ट्रस्ट की 70 प्रतिशत जमीन पर बाहरी लोगों ने मकान और दुकान तक बना लिए हैं। कलेक्टर के आदेश पर जांच टीम गुरुवार को मौके पर पहुंची। उक्त जमीन पर कई मकान और दुकानों का निर्माण हुआ है। पटवारी को जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।
कितनी संपत्तियां नीलाम
प्रॉपर्टी का जनहित में उपयोग करने के लिए किरोड़ीमल ट्रस्ट बना था। लेकिन पदाधिकारियों ने इसे बेच-बेचकर अपनी दौलत बढ़ा ली। ट्रस्ट की संपत्ति को मकान की तरह उपयोग किया जा रहा है। ट्रस्ट की संपत्ति के कुछ दस्तावेज एकत्र किए गए हैं। पटवारी को सीमांकन करके जमीन पर अवैध निर्माण की जानकारी प्रस्तुत करनी है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी। इस बात की संभावना है कि सरकार ट्रस्ट को अपने हाथ में लेगी।






















