- एसडीएम के निर्देश पर हुई जांच, मूल खसरे का पहला हिस्सा अब भी शासकीय भूमि के रूप में दर्ज
रायगढ़, (केलो प्रवाह)। जंगल के बीच में अचानक से कोई दर्जन भर वाहन लेकर पेड़ काटने लगे, जमीन पर खुदाई करने लगे, तो सवाल उठना स्वाभाविक है। संबलपुरी में वन प्रबंधन समिति अध्यक्ष ने कुछ जमीनों पर जेसीबी से हो रही खुदाई और पेड़ कटाई की शिकायत एक महीने पहले की थी। गुरुवार को इसकी जांच हुई तो पता चला कि पेड़ कटाई की अनुमति ही नहीं ली गई है। राजस्व रिकॉर्ड देखने पर प्रारंभिक रूप से शासकीय पट्टे की भूमि होने का संदेह हो रहा है। रायगढ़ तहसील के ग्राम संबलपुरी में पूजा ढाबा के पास पेड़ों से भरी हुई करीब सात एकड़ जमीन पर पेड़ों की कटाई की गई है। जमीप पर करीब 10-15 फुट गहरा खोदा गया है।
जेसीबी, ट्रैक्टर, हाइवा लगाकर काम कराया जा रहा था। 17 सितंबर को वन प्रबंधन समिति संबलपुर के अध्यक्ष शौकी लाल निषाद ने इसकी शिकायत एसडीएम रायगढ़ से की थी। इसके एक महीने बाद गुरुवार को एसडीएम के आदेश पर नायब तहसीलदार ने मौके की जांच की। खनं 251/2 रकबा 1.213 हे., 251/3 रकबा 0.405 हे., 251/4 रकबा 0.202 हे. और 252/2 रकबा 0.809 हे. कुल 2.629 हे. रकबे पर काम हो रहा था ।भूमि पर समतलीकरण और मिट्टी खनन का काम हो रहा था।
जांच टीम पहुंची तो मौके पर 3 जेसीबी, 5 ट्रैक्टर और एक हाइवा पाया गया। जमीन के चारों ओर प्रीकास्ट वॉल से घेराव किया गया है। बताया जा रहा है कि जमीन बालाजी बिल्डकॉन की है। मौके पर प्रज्ज्वल अग्रवाल और कमलेश नामक व्यक्ति उपस्थित थे। उन्होंने इसे निजी भूमि बताया। राजस्व रिकॉर्ड देखने पर जमीन उनके नाम पर दर्ज भी पाई गई है और डायवर्सन भी किया जा चुका है। लेकिन पेड़ कटाई की कोई अनुमति नहीं मिली।
मूल खसरा शासकीय भूमि
इस मामले में राजस्व विभाग कितनी जांच कर पाएगा, इसका पता नहीं, लेकिन मूल खसरा 251 के पांच टुकड़े हुए हैं। इसमें पहला टुकड़ा 251/1 रकबा 1.505 हे. शासकीय भूमि के रूप में दर्ज है। इसके अलावा बाकी 251/2, 251/3, 251/4 और 251/5 निजी व्यपवर्तित भूमि के रूप में दर्ज की गई है। इस बात की आशंका है कि सभी आवंटन भूमि हैं। इसका खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा।





























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