खरसिया, 19 मई। रायगढ़ जिला अंतर्गत खरसिया क्षेत्र के ग्राम चपले से इंसानियत और सामाजिक समरसता की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया है। गांव में पिछले 20 वर्षों से रह रहे बुजुर्ग ‘कोस्टा’ का आज आकस्मिक देहांत हो गया। इस दुखद घड़ी में गांव के युवाओं ने न सिर्फ संवेदनशीलता दिखाई, बल्कि आगे बढ़कर बेटे का फर्ज भी निभाया।
मिली जानकारी के अनुसार, कोस्टा पिछले दो दशकों से चपले गांव को ही अपना आशियाना बनाकर रह रहे थे। आज जब उनका निधन हुआ, तो गांव के नवयुवकों ने मानवता का परिचय देते हुए उनके अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी संभाली। युवाओं ने पूरे विधि-विधान के साथ शव यात्रा निकाली और उन्हें मुखाग्नि देकर सम्मानजनक विदाई दी।
इन युवाओं ने कायम की मिसाल
इस पुनीत और मानवीय कार्य में गांव के युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मुख्य रूप से गेंदलाल श्रीवास, ईश्वरी पटेल, कन्हैया पटेल, देवीनाथ पटेल, हीरा पटेल, अग्नू सिदार, ललित पटेल, कमल पटेल, यशपाल पटेल, ओश राम पटेल, उदेश चौहान और युवराज पटेल समेत अन्य साथियों ने मिलकर दाह-संस्कार और मुखाग्नि की रस्म पूरी की।
आज के दौर में जहां लोग अपनों से मुंह मोड़ लेते हैं, वहीं ग्राम चपले के इन युवाओं द्वारा पेश की गई यह मिसाल पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों और क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों ने युवाओं के इस सेवा भाव और इंसानियत की जमकर सराहना की है।























