जशपुर। नगर पालिका परिषद जशपुर में शुक्रवार को प्रशासनिक हलचल उस समय बढ़ गई, जब एसडीएम के निर्देश पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) योगेश्वर उपाध्याय के कार्यालय को सील कर दिया गया। अचानक हुई इस कार्रवाई के बाद नगर पालिका परिसर में कर्मचारियों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। हालांकि, कार्यालय सील किए जाने के पीछे प्रशासन की ओर से अब तक कोई स्पष्ट कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को प्रशासनिक टीम नगर पालिका कार्यालय पहुंची और CMO के कक्ष को सील करने की कार्रवाई की गई। कार्यालय के बाहर सील संबंधी नोटिस लगाए जाने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया। कार्रवाई की जानकारी मिलते ही नगर पालिका परिसर में मौजूद कर्मचारियों और नागरिकों में भी इसको लेकर उत्सुकता देखी गई।
अचानक हुई कार्रवाई से प्रशासनिक गलियारों में चर्चा
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से नगर पालिका सीएमओ के कार्यालयीन उपस्थिति और प्रशासनिक गतिविधियों को लेकर चर्चाएं चल रही थीं। कुछ लोगों का दावा है कि सीएमओ नियमित रूप से कार्यालय नहीं पहुंच रहे थे और वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क को लेकर भी सवाल उठ रहे थे। हालांकि, इन बातों की आधिकारिक पुष्टि प्रशासन की ओर से नहीं की गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई सील की तस्वीरें
कार्यालय सील किए जाने के बाद वहां की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आने लगीं। तस्वीरों के वायरल होने के बाद जशपुर शहर में इस प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर अलग-अलग चर्चाएं शुरू हो गईं। लोग यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर किन परिस्थितियों में नगर पालिका के प्रमुख अधिकारी के कार्यालय को सील करने की जरूरत पड़ी।
प्रशासन के आधिकारिक बयान का इंतजार
फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई विस्तृत जानकारी जारी नहीं की गई है। यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि कार्यालय सील करने की कार्रवाई किसी जांच प्रक्रिया का हिस्सा है या फिर किसी अन्य प्रशासनिक कारण से की गई है।नगर पालिका कार्यालय में हुई इस कार्रवाई के बाद अब सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम और आधिकारिक स्पष्टीकरण पर टिकी हुई है। जैसे ही इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई जानकारी सामने आती है, स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।






















