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बरगढ़ के सिद्धेश्वर नाथ महादेव मंदिर परिसर में मारपीट का आरोप : चूड़ा, बेल्ट और डंडे से 2 श्रद्धालुओं पर हमला, सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग

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खरसिया। सावन के पवित्र महीने में श्री सिद्धेश्वर नाथ महादेव मंदिर बरगढ़ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। इसी बीच सोमवार की सुबह करीब 4 से 5 बजे मंदिर परिसर में मारपीट की घटना सामने आई है। ग्राम बांसमुड़ा, तहसील खरसिया निवासी चमन कुमार राठिया पिता गोपाल राम राठिया और हिमन्त राठिया पिता मंत्थू राम राठिया के साथ करीब 8 से 10 लोगों द्वारा मारपीट किए जाने का आरोप है। घटना में दोनों को चोटें आई हैं, जबकि चमन राठिया के सिर में कई चोटें तथा पीठ पर मारपीट के निशान बताए जा रहे हैं। हिमन्त राठिया के सिर में भी चोट आने की जानकारी सामने आई है। पीड़ितों के अनुसार, इस घटना में प्रकाश चौहान और आकाश चौहान, ग्राम आमाडोल (छोटे देवगांव) सहित अन्य लोगों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि मारपीट के दौरान चूड़ा, बेल्ट और डंडे का इस्तेमाल किया गया।

मंदिर परिसर में सो रहे थे चमन, अचानक किया गया हमला
घायल चमन कुमार राठिया के कथन के अनुसार, वह मंदिर प्रांगण में सो रहा था। इसी दौरान उस पर अचानक हमला कर दिया गया। चमन का कहना है कि उसे यह तक पता नहीं था कि उसकी गलती क्या है और उसे क्यों मारा जा रहा है। उसके अनुसार, हमलावर बार-बार केवल “बांसमुड़ा का है” कहकर उसके साथ मारपीट कर रहे थे। घटना के बाद जब पुरानी रंजिश के संबंध में जानकारी ली गई तो करीब एक वर्ष पहले गांव में कुछ युवकों के साथ कहासुनी होने की बात सामने आई। हालांकि, चमन राठिया का कहना है कि उस पुरानी कहासुनी में वह शामिल नहीं था।

सावन में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
श्री सिद्धेश्वर नाथ महादेव मंदिर में सावन के दौरान आसपास के करीब 40 से 50 गांवों से श्रद्धालु रविवार रात से ही पहुंचने लगते हैं। सोमवार को दिनभर मंदिर में जल चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। ऐसे में मंदिर परिसर में हजारों लोगों की आवाजाही के बीच इस तरह की घटना सामने आना मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। मंदिर में दूर-दराज से हर वर्ग और उम्र के श्रद्धालु पहुंचते हैं। भीड़ के बीच कभी भी छोटी-बड़ी घटना या विवाद गंभीर रूप ले सकता है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मंदिर परिसर में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होना बेहद जरूरी है।

रात में पुलिस ड्यूटी और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि सावन के दौरान जब रविवार रात से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगती है, तब मंदिर परिसर में रात के समय भी पुलिसकर्मियों या सुरक्षा व्यवस्था की तैनाती की जानी चाहिए। इसके साथ ही मंदिर प्रशासन, ग्राम पंचायत और पुलिस विभाग को आपसी समन्वय से सुरक्षा व्यवस्था बनाने की जरूरत है, ताकि मंदिर परिसर में असामाजिक तत्वों द्वारा श्रद्धालुओं को परेशान करने, विवाद करने या मारपीट जैसी घटनाओं पर समय रहते रोक लगाई जा सके।

फिलहाल घटना को लेकर पुलिस की ओर से क्या कार्रवाई की गई है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही घटना की पूरी सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।

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