- 13 हेल्थ सेंटरों के निर्माण को मिली थी मंजूरी
- बजट और जमीन की अड़चन से शेष केंद्रों का काम अधूरा
रायगढ़ (केलो प्रवाह)। मोहल्ला क्लिनिक की तर्ज पर शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शासन ने शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर योजना लागू की है। इस योजना के तहत रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र में भी 13 हेल्थ सेंटरों का निर्माण होना था। शासन की ओर से प्रत्येक हेल्थ सेंटर के लिए 25 लाख रुपये का बजट भी स्वीकृत किया गया था, लेकिन यह विडंबना ही कहा जाएगा कि 3 साल होने के बाद भी अब तक सिर्फ 6 हेल्थ सेंटर शुरू हो पाए हैं। शेष हेल्थ सेंटरों के लिए या तो जमीन नहीं मिल रही है या फिर फंड की कमी की वजह से काम अधूरे पड़े हैं। ऐसे में शासन की एक महत्वपूर्ण योजना दम तोड़ती नजर आ रही है।
राज्य सरकार की योजना के तहत रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र में मोहल्ला क्लिनिक की तर्ज पर चार-चार वार्डों का क्लस्टर बनाकर शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर (हेल्थ सेंटर) तैयार किए जाने थे। इस योजना के पीछे शासन की मंशा लोगों को छोटी-मोटी बीमारियों के इलाज के लिए दूर न जाना पड़े और उन्हें स्थानीय स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की है। रायगढ़ में इस योजना के तहत 13 हेल्थ सेंटरों की स्वीकृति प्रदान की गई थी, जिसमें से बमुश्किल 6 केंद्रों का निर्माण ही पूरा हो पाया है। इसमें इंदिरानगर, जेलपारा, बाघ तालाब, जोगीडीपा, बजरंगडीपा और बांजीनपाली शामिल हैं।
बाकी के 3 केंद्रों में सीजीएमएससी से बजट नहीं मिलने के कारण अभी भी काम अधूरा पड़ा है। इतना ही नहीं, शेष 4 केंद्रों के लिए स्वास्थ्य विभाग अब तक जमीन ही चयन नहीं कर पाया है। वहीं राजीव नगर में भवन के अभाव में पूर्व में बने वार्ड कार्यालय में ही शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर का संचालन शुरू करवा दिया गया है, जिससे वहां समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। बजट और जमीन की अड़चन की वजह से योजना अधर में लटकी हुई है।
क्या कहते हैं सीएमएचओ
बजट की कमी की वजह से कुछ सेंटर अधूरे हैं। कुछ चयनित जमीनों पर विवाद की वजह से निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। जो सेंटर अधूरे हैं, उन्हें इसी सत्र में पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
– अनिल कुमार जगत, सीएमएचओ























