- कहा- मनोरंजन सबका अधिकार, 80 रु. प्रति झूला देकर आम परिवार क्यों उठाए महंगाई का बोझ?
खरसिया। बच्चों की खुशी का सबसे बड़ा ठिकाना माना जाने वाला मीना बाजार इस बार आम परिवारों की जेब पर भारी पड़ रहा है। खरसिया नगरपालिका परिषद के वार्ड नंबर 13 से कांग्रेस पार्टी के पार्षद राम शर्मा ने मीना बाजार में झूलों के बढ़े हुए दामों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नगर पालिका प्रशासन सहित स्थानीय प्रशासन को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि आखिर आम जनता जाए तो जाए कहां?
क्या झूलों की दरों पर कोई निगरानी है?
पार्षद शर्मा ने प्रशासन से सीधा सवाल किया कि क्या मीना बाजार में झूलों की दरों पर कोई निगरानी है। उन्होंने कहा कि 80 रु प्रति झूला के दाम से बच्चों की खुशी और परिवार के साथ मनोरंजन अब मध्यमवर्गीय परिवारों की जेब पर भारी पड़ रहा है। उन्होंने पूछा कि महंगाई की मार झेल रही जनता के लिए क्या अब मेले में घूमना और बच्चों को झूला झुलाना भी महंगा सौदा बन जाएगा? उन्होंने कहा कि मेले का आनंद हर वर्ग के लोगों को मिलना चाहिए। झूलों की दरें उचित हों, ताकि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार भी अपने बच्चों के चेहरे पर मुस्कान ला सकें। उन्होंने कहा, “मनोरंजन सबका अधिकार है, फिर महंगाई का बोझ आम परिवार क्यों उठाए?”
5 लाख से बढ़कर साढ़े 13 लाख, बंदरबांट की भी चर्चा
राम शर्मा ने बताया कि प्रतिवर्ष मीना बाजार वालों से ₹5 लाख के आसपास लिया जाता था, जो इस वर्ष बढ़कर करीब साढ़े 13 लाख रुपए ली गई है। उन्होंने कहा कि इसका खामियाजा खरसिया नगर सहित ग्रामीण जनों के गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि मीना बाजार द्वारा नगर पालिका परिषद को जो 13 लाख 50 हजार रुपए की राशि दी गई है, उसमें भी काफी बंदरबांट की बात सुनने में आ रही है।
दाम कम नहीं हुए तो होगा विरोध प्रदर्शन
पार्षद शर्मा ने कहा कि यदि स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका परिषद द्वारा जल्द मीना बाजार के झूलों के बढ़े हुए दामों को कम नहीं किया गया, तो आगे चलकर इस मामले में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

























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