रायगढ़ (केलो प्रवाह)। गरीब तबके के लोगों को मिले ईडब्ल्यूएस के ऐसे मकान जिनके मूल स्वरूप में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है और न ही उनका व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा है उन्हें संपत्तिकर की छूट के साथ ही जलकर भी अब 60 रूपए प्रति माह ही देना होगा। पूर्व सभापति जयंत ठेठवार सहित कांग्रेस पार्षदों द्वारा दी गई शिकायत पर जांच कराने के बाद नगर निगम आयुक्त ने निराकरण करते हुए उक्त निर्देश दिया है। वहीं जिन ईडब्ल्यूएस मकानों में अवैध रूप से अतिरिक्त निर्माण पाया गया तथा भवनों का व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा है उनके नियमानुसार कार्रवाई भी किये जाने की बात कही गई है। पूर्व सभापति जयंत ठेठवार के नेतृत्व में कांग्रेस पार्षदों ने 4 अगस्त को नगर निगम आयुक्त को ईडब्ल्यूएस आवासों से जल कर वसूली के संबंध में आपत्ति दर्ज करते हुए शिकायत पत्र सौंपा था।
कांग्रेस पार्षदों ने आवेदन के माध्यम से कहा था कि 27 मार्च 2018 को परिषद की बैठक में ईडब्ल्यूएस आवासों से 60 रूपए प्रतिमाह जलकर वसूले जाना निर्धारित किया गया था परंतु निगम द्वारा उनसे दो सौ रूपए प्रतिमाह की दर से वसूली की जा रही है। वहीं इस शिकायत की जांच के लिए निगम आयुक्त ब्रजेश क्षत्रिय ने जांच टीम का गठन कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश जारी किया था। वहीं टीम ने जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया था जिसके अनुसार कांग्रेस पार्षदों ने शिकायत पत्र में उल्लेखित कुल 775 ईडब्ल्यूएस मकानों में से 207 भवनों में बिना किसी अनुमति के अतिरिक्त निर्माण किया जाना पाया तथा 175 भवनों का व्यवसायिक उपयोग करते हुए किराये पर दिया जाना पाया गया है।
इस तरह जिन ईडब्ल्यूएस मकानों में अनियमितताएं पाई गई है उनके संबंध में राजस्व एवं भवन अनुज्ञा विभाग द्वारा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई किये जाने की बात निगम आयुक्त ने कही है। वहीं शिकायत की जांच केे संबंध में पत्र जारी करते हुए निगम आयुक्त ब्रजेश क्षत्रिय ने कहा कि 27 मार्च 2018 को परिषद की हुई बैठक में ईडब्ल्यूएस मकानों को संपत्तिकर से मुक्त रखे जाने तथा समेकित कर व अन्य करों के भुगतान का प्रावधान उल्लेखित है। उक्त प्रस्ताव में जलकर में छूट अथवा कोई विशेष दर निर्धारित करने का उल्लेख नहीं है परंतु छत्तीसगढ़ राजपत्र में जलकर के संबंध में गैर संपत्तिकर दाताओं के लिए 60 रूपए एवं संपत्तिकर दाताओं के लिए 2 सौ रूपए प्रतिमाह की दर का उल्लेख है परंतु ईडब्ल्यूएस मकानों को छूट दिये जाने का कोई उल्लेख नहीं है।
निगम आयुक्त श्री क्षत्रिय ने कहा कि जांच प्रतिवेदन व परिषद में पारित प्रस्ताव के परीक्षण उपरांत जिन ईडब्ल्यूएस आवासों में मुल स्वरूप में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है तथा गैर संपत्तिकर दाता की श्रेणी में आते हैं उनसे निमयमानुसार समेकित कर व जलकर 60 रूपए प्रतिमाह वसूला जायेगा। वहीं जिन आवासों में अवैध रूप से अतिरिक्त निर्माण किया गया है अथवा व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा है उनसे दो सौ रूपए प्रतिमाह जलकर लिया जाएगा।























