वृंदावन। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली के प्रवक्ता ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज के आश्रम में जाने के लिए उन्हें 5 करोड़ रुपये दिए गए थे। कोहली की टीम की ओर से जारी बयान में इस दावे को पूरी तरह झूठा, बेबुनियाद और तथ्यात्मक रूप से गलत करार दिया गया है।
प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि विराट कोहली प्रेमानंद महाराज से किसी आर्थिक लाभ या भुगतान के कारण नहीं, बल्कि उनके प्रति अपनी गहरी आस्था और सम्मान के चलते मिलने जाते हैं। इसके साथ ही उन्होंने मीडिया से अपील की कि इस तरह की बातों को रिपोर्ट करने या आगे बढ़ाने से पहले तथ्यों की ठीक से पड़ताल की जाए।
दिनेश शर्मा ने लगाया था 5 करोड़ रुपये खर्च करने का आरोप
सोशल मीडिया पर फलाहारी महाराज के नाम से पहचाने जाने वाले दिनेश शर्मा का एक दावा सामने आया था। इसमें आरोप लगाया गया था कि जनवरी 2023 में विराट कोहली की प्रेमानंद महाराज से पहली मुलाकात कराने के पीछे एक प्रॉपर्टी बिल्डर लॉबी और राजस्थान की एक निजी कंपनी शामिल थी।
दावे में कहा गया था कि कोहली को आश्रम तक लाने के लिए करीब 5 करोड़ रुपये खर्च किए गए, ताकि प्रेमानंद महाराज की लोकप्रियता और प्रचार को बढ़ावा दिया जा सके। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस आरोप की पुष्टि करने वाला कोई सबूत सामने नहीं आया है और न ही ऐसे कोई प्रमाण हैं कि कोहली या उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा ने आश्रम जाने के लिए कोई राशि ली थी।
जनवरी 2023 में पहली बार आश्रम पहुंचे थे कोहली और अनुष्का
विराट कोहली और उनकी पत्नी, अभिनेत्री अनुष्का शर्मा, 4 जनवरी 2023 को पहली बार वृंदावन स्थित राधा केली कुंज आश्रम पहुंचे थे और प्रेमानंद महाराज से भेंट की थी। इसके बाद भी दोनों समय-समय पर आश्रम जाते रहे हैं और इस दौरान उनकी मुलाकातों के वीडियो और तस्वीरें भी सामने आई हैं।
टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से हटने के बाद भी विराट कोहली का वृंदावन आश्रम जाने का सिलसिला जारी रहा है। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि उनकी इन यात्राओं को किसी भी तरह के लेन-देन या व्यावसायिक उद्देश्य से जोड़ना पूरी तरह अनुचित है।
शिष्य की मौत के मामले की भी हो रही जांच
वृंदावन का यह आश्रम हाल ही में एक शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद भी चर्चा में रहा है। 25 सितंबर को रसिक दुलारी नाम के एक शिष्य ने कथित तौर पर आश्रम की इमारत की चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दी थी।
इस मामले की जांच मथुरा पुलिस कर रही है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या रसिक दुलारी किसी मानसिक तनाव या अवसाद से ग्रस्त थे। जांच टीम आश्रम से जुड़ने से पहले और बाद में उनके व्यवहार में आए बदलावों की पड़ताल कर रही है। मामले में अब तक पुराने मोबाइल फोन, नए सिम कार्ड, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच के साथ 85 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।
























