भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) को देश के मान्यता प्राप्त अनुसूचित बैंकों (Scheduled Banks) की सूची से आधिकारिक तौर पर बाहर कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने इस संबंध में बयान जारी कर बताया कि बैंक को भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची से हटा दिया गया है।
आरबीआई के अनुसार, यह कार्रवाई बैंक का लाइसेंस रद्द होने और दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा इसे बंद करने का आदेश दिए जाने के बाद की गई है। केंद्रीय बैंक की ओर से इस संबंध में 31 जुलाई को नोटिफिकेशन जारी किया गया था, जिसे सितंबर में गैजेट ऑफ इंडिया (Gazette of India) में प्रकाशित किया गया।
नियमों के उल्लंघन और जमाकर्ताओं के हितों का हवाला
केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक लाइसेंस की शर्तों और बैंकिंग नियमों का पालन करने में विफल रहा था। आरबीआई के अनुसार, बैंक के कामकाज जमाकर्ताओं के हितों के प्रतिकूल थे, जिसके चलते बैंकिंग कारोबार को बंद करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
इससे पहले नियामक ने नियमों का पालन न करने पर इसी साल अप्रैल में पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया था। अनुसूचित बैंकों की सूची से बाहर होने का अर्थ है कि अब यह संस्थान भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम की दूसरी अनुसूची में शामिल नहीं है।
लंबे समय से नियामकीय जांच के दायरे में था बैंक
वित्तीय प्रौद्योगिकी समूह पेटीएम से जुड़ा यह पेमेंट्स बैंक पिछले काफी समय से नियामकीय कार्रवाई का सामना कर रहा था। केंद्रीय बैंक ने सबसे पहले मार्च 2022 में बैंक पर नए ग्राहकों को जोड़ने पर रोक लगाई थी।
इसके बाद जनवरी 2024 में आरबीआई ने कड़ा रुख अपनाते हुए बैंक पर कई बड़े कारोबारी प्रतिबंध लागू कर दिए थे। इन प्रतिबंधों के तहत नए डिपॉजिट, क्रेडिट लेनदेन और अधिकांश बैंकिंग सेवाओं पर रोक लगा दी गई थी, हालांकि खाताधारकों को अपने उपलब्ध बैलेंस को निकालने की अनुमति दी गई थी।
























