- एसईसीएल की कोयला खदानों के लिए हुई डीआरसीसी की बैठक, अधिकारियों के साथ ग्रामीणों ने रखे विचार
रायगढ़, (केलो प्रवाह)। धरमजयगढ़ में एसईसीएल की पुरुंगा और दुर्गापुर कोयला खदानें प्रारंभ होने वाली हैं। इसके अलावा पेलमा माइंस भी शुरू होगी। इसके लिए डीआरसीसी की बैठक शुक्रवार को रखी गई थी जिसमें प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीण पहुंचे थे। मिली जानकारी के मुताबिक एसईसीएल को पुनर्वास व्यवस्था और रोजगार को लेकर मांग की गई है। इस पर अब एसईसीएल को प्रस्ताव अनुमादित कराना होगा।
कोयला खदानों के लिए हो रहे भू-अर्जन में सबसे बड़ी समस्या पुनर्वास ही है। गाइडलाइन रेट बढऩे के बाद से मुआवजा भी ज्यादा मिलेगा। लेकिन गांव विस्थापित होने पर ग्रामीणों को वैकल्पिक स्थान नहीं मिल पाता। खदान प्रारंभ हो जाती है लेकिन विस्थापन नहीं हो पाता। पिछले दिनों बिलासपुर में हुई बैठक में एसईसीएल को पुनर्वास संबंधी प्रस्ताव पहले तैयार करने को कहा गया था। शुक्रवार को डिस्ट्रिक्ट रिहैबिलिटेशन एंड रिसेटलमेंट कमेटी की बैठक रायगढ़ कलेक्टोरेट में आयोजित की गई।
धरमजयगढ़ ब्लॉक के प्रभावित ग्रामों के ग्रामीण बैठक में पहुंचे थे। उन्होंने पुनर्वास और रोजगार संबंधी शंकाओं को बैठक में रखा। ग्रामीणों की मांग उचित मुआवजा दर और रोजगार की है। एसईसीएल का भू-अर्जन सीबी एक्ट में होता है। इसलिए पुनर्वास और रोजगार का प्रावधान होता है। एसईसीएल ने दो एकड़ में एक नौकरी देने का प्रावधान तय किया है जो पहले की खदानों में भी लागू हुआ है। बैठक में ग्रामीणों ने खुलकर अपनी बात रखी जिस पर एसईसीएल ने भी अनुमोदन कराने का आश्वासन दिया।























