रायगढ़। आकाशीय बिजली का कहर जिला मुख्यालय से लगे ग्राम लाखा के आश्रित गांव चिराईपानी पर भारी पड़ गया है। सोमवार शाम आंधी और बारिश के दौरान ट्रांसफार्मर पर बिजली गिरने से वह पूरी तरह जल गया, जबकि एक विद्युत पोल भी क्षतिग्रस्त होकर गिर पड़ा। इस घटना के बाद से गांव में पिछले 72 घंटे से ब्लैकआउट की स्थिति बनी हुई है। बिजली आपूर्ति ठप होने से ग्रामीण अंधेरे में जीवन गुजारने को मजबूर हैं, वहीं बोर पंप बंद पड़ने से पेयजल संकट भी गहरा गया है। तीन दिन बीत जाने के बाद भी बिजली व्यवस्था बहाल नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार सोमवार शाम हुई इस घटना के तुरंत बाद पूरे गांव की बिजली आपूर्ति बंद हो गई थी।
ट्रांसफार्मर जलने और विद्युत पोल गिरने के कारण बिजली व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई, लेकिन 72 घंटे गुजरने के बावजूद नया ट्रांसफार्मर स्थापित नहीं किया जा सका है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली नहीं होने से घरों में अंधेरा पसरा हुआ है, मोबाइल चार्जिंग से लेकर दैनिक घरेलू कार्य तक प्रभावित हो रहे हैं। बिजली पर निर्भर बोर पंप बंद होने से लोगों को पेयजल के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। जंगल से घिरे चिराईपानी में लगातार अंधेरा रहने से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। बरसात के मौसम में सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीवों का खतरा हमेशा बना रहता है, ऐसे में रात के समय घरों से बाहर निकलना भी जोखिम भरा हो गया है।
बिजली आपूर्ति ठप रहने से बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कामकाज और सामान्य जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय तक बिजली बहाल नहीं होने से उनकी परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। घटना के 72 घंटे बाद भी नया ट्रांसफार्मर नहीं लगाए जाने को लेकर ग्रामीणों में विद्युत विभाग के प्रति आक्रोश है। चिराईपानी के रहवासियों ने विभाग के अधिकारियों से जल्द से जल्द नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर क्षतिग्रस्त विद्युत पोल की मरम्मत कराने और बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का लंबे समय तक बाधित रहना उनके लिए गंभीर संकट बन गया है।





















